Jitan Ram Manjhi Hospitalized: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को रविवार शाम सांस लेने में परेशानी और बुखार की शिकायत के बाद यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री मांझी को शाम करीब पांच बजे आपातकालीन विभाग में ले जाया गया और रात करीब नौ बजे उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में स्थानांतरित कर दिया गया।
डॉक्टरों की एक टीम कर रही चिकित्सकीय जांच
सूत्रों ने बताया कि डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरी चिकित्सकीय जांच कर रही है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, मांझी को डेंगू होने की आशंका है। हालांकि, एम्स की ओर से अभी तक उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
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दिल्ली के हादसे पर जताया दुख
हालांकि जीतन राम मांझी के सोशल मीडिया अकाउंट X से दिल्ली के साउथ कैंपस में इमारत ढहने से हुई छात्रों की मौत पर पोस्ट किया गया है। जिसमें लिखा गया है: "दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सूचना अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर से सभी लोगों के सकुशल होने तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।"
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले कुछ दिनों के भीतर उनके स्वास्थ्य में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। पहले बिहार की राजधानी पटना और अब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में उनका इलाज चल रहा है।
बुधवार को अस्पताल से दे दी गई थी छुट्टी
पूरा घटनाक्रम सोमवार को उस वक्त शुरू हुआ जब जीतन राम मांझी को अचानक तेज बुखार और खून में शर्करा का स्तर बढ़ने की शिकायत हुई। इसके तुरंत बाद परिजनों ने उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की निगरानी में चले गहन इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार दर्ज किया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने बुधवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी और घर जाने की अनुमति दे दी।
हालांकि, राहत की यह सांस ज्यादा देर टिक नहीं सकी। बुधवार को अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद, देर रात उन्हें दोबारा तेज बुखार आ गया। लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य और बार-बार आते बुखार को देखते हुए परिवार वालों ने बिना कोई जोखिम उठाए उन्हें तुरंत दिल्ली ले जाने का फैसला किया।
