India-Bangladesh Tension: 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने के बाद से भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में ये संबंध और भी खराब हो गए हैं। सोमवार (22 दिसंबर) को ढाका ने 'अनचाही परिस्थितियों' का हवाला देते हुए नई दिल्ली में अपने हाई कमीशन और त्रिपुरा में अपने मिशन में वीजा सेवाओं को सस्पेंड कर दिया।
मुश्किल हालातों में संबंध
यह कदम देश में फैली अशांति के बाद उठाया गया है। दरअसल यह सारा मामला 2024 में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को हटाने वाले विरोध प्रदर्शनों में नेता रहे शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुआ। हालांकि, बात वीजा सस्पेंशन की करें तो भले ही यह कदम टेम्परेरी हो, लेकिन यह यह भी दिखाता है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते कितने मुश्किल हालातों में हैं।
बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए वीजा सेवाएं सस्पेंड कीं
नई दिल्ली में सोमवार को बांग्लादेश हाई कमीशन ने कांसुलर और वीजा सेवाएं सस्पेंड कर दीं और कहा, 'कुछ जरूरी कारणों से, नई दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन से सभी कांसुलर और वीजा सेवाएं अगले आदेश तक टेम्परेरी रूप से सस्पेंड कर दी गई हैं। इससे होने वाली किसी भी असुविधा के लिए हमें खेद है।'
त्रिपुरा में बांग्लादेश के असिस्टेंट हाई कमीशन ने भी वीजा सेवाओं को सस्पेंड करने की ऐसी ही घोषणा की, जबकि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में वीजा एप्लीकेशन प्रोसेस करने वाली एक प्राइवेट ऑपरेटर ने भी अपनी सेवाएं सस्पेंड कर दीं।
यह कदम पिछले हफ्ते छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में फैली अशांति की नई लहर के बीच उठाया गया है। हादी सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शनों का एक प्रमुख चेहरा थे, जिन्होंने पिछले साल शेख हसीना सरकार को गिराने पर मजबूर कर दिया था।
बांग्लादेश का जैसे को तैसा जवाब?
हालांकि बांग्लादेश ने अपने इस कदम के लिए कोई सही वजह नहीं बताई है, लेकिन भारत में कई लोग इसे बांग्लादेश के पोर्ट शहर चटगांव से नई दिल्ली के वीजा सेवाओं को सस्पेंड करने के फैसले का जवाब मान रहे हैं।
इससे पहले रविवार (21 दिसंबर) को इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर, बांग्लादेश ने सेवाओं को सस्पेंड कर दिया था। इसके लिए 'सुरक्षा का हवाला दिया गया। कहा, 'AHCI (असिस्टेंट हाई कमीशन ऑफ इंडिया) चटगांव में हाल ही में हुई एक असुरक्षा से जुड़ी घटना के कारण, IVAC चटगांव में भारतीय वीजा ऑपरेशन 21/12/2025 से अगले आदेश तक सस्पेंड रहेंगे।' कहा गया, 'हालात की समीक्षा करने के बाद वीजा सेंटर को फिर से खोलने की घोषणा की जाएगी।'

दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर की तस्वीरें। PTI
भारत का वीजा अस्थायी रूप से सस्पेंड करने का फैसला तब आया जब गुस्साए बांग्लादेशी प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने चटगांव में भारत के असिस्टेंट हाई कमीशन पर हमला करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गोलीबारी के बाद उस्मान हादी पर हमला करने वाले भारत भाग गए थे, जबकि बांग्लादेश ने इस दावे पर कोई सबूत पेश नहीं किया है।
बांग्लादेश के साथ-साथ भारत में भी विरोध प्रदर्शन
हालांकि, दोनों तरफ वीजा सस्पेंड करना एक बड़ी समस्या का सिर्फ एक हिस्सा है। उस्मान हादी की गोलीबारी के बाद, दोनों देशों में सड़कों पर गुस्सा फूट पड़ा है।
बांग्लादेश में पिछले हफ्ते मामला तब और ज्यादा बढ़ गया जब बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले के भालुका में एक भीड़ ने एक युवा गारमेंट फैक्ट्री मजदूर, दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मैमनसिंह के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अब्दुल्ला अल मामून के अनुसार, फैक्ट्री अधिकारियों ने शुरू में दावा किया कि दीपू पर एक फेसबुक पोस्ट में 'पैगंबर हज़रत मुहम्मद (PBUH) के बारे में अपमानजनक टिप्पणियों' के आरोप में हमला किया गया था। हालांकि, जांचकर्ताओं को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि पीड़ित ने फेसबुक पर कुछ ऐसा पोस्ट या लिखा हो जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हों।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में, एक जाने-माने एक्टिविस्ट शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत की खबर देश में पहुंचने के बाद, गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने प्रोथोम आलो अखबार के दफ्तर में आग लगा दी। AP
दीपू के भाई अपू चंद्र दास ने कहा कि इस हत्या के बाद उनका परिवार अपनी जान को लेकर डरा हुआ है। अपू ने एक इंडियन चैनल से बातचीत में कहा,'दीपू अपने पीछे एक छोटा बच्चा छोड़ गया है। अगर हमारे पास सुविधा होती, तो हम अभी बांग्लादेश छोड़कर चले जाते, और अगर हमें मदद मिले, तो हम भारत वापस जाना चाहेंगे।'
इसके अलावा ढाका में कई इमारतों में आग लगा दी गई, जिनमें देश के दो प्रमुख अखबारों, द डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तर भी शामिल थे। वहीं, सोमवार को भारतीय राज्य कोलकाता में भी लिंचिंग को लेकर बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर गुस्से में विरोध प्रदर्शन हुए।
बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में, पार्टी के अन्य नेताओं और समर्थकों के साथ, प्रदर्शनकारियों ने हाई कमीशन के सामने विरोध प्रदर्शन किया, हत्या की निंदा की और बांग्लादेशी अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान बोलते हुए, अधिकारी ने कहा कि दीपू दास की बेरहमी से हत्या की गई। उन्होंने कहा आगे और आंदोलन होगा। कहा कि इस घटना से हिंदू समुदाय बहुत गुस्से में है।

कोलकाता में बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन। PTI
उन्होंने आगे घोषणा की कि हत्या के विरोध में 24 दिसंबर को एक घंटे के लिए बॉर्डर ब्लॉक किया जाएगा और 26 दिसंबर को बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर एक और प्रदर्शन होगा।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, अधिकारी ने कहा, 'दीपू दास को जिंदा जला दिया गया। हम उन्हें यहां (बांग्लादेश हाई कमीशन) बैठने नहीं देंगे। उन्हें इसे बंद करना होगा। पूरा हिंदू समुदाय उन्हें नहीं छोड़ेगा।'
इस बीच, ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने बांग्लादेश में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल और जरूरी दखल देने की अपील की है। AIMSA ने एक पत्र में कहा कि उसे भारतीय छात्रों और उनके परिवारों से गंभीर और परेशान करने वाले संदेश मिल रहे हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि मौजूदा हालात के कारण कई लोग असुरक्षित और अनिश्चित परिस्थितियों में रह रहे हैं।
बांग्लादेश और भारत के बीच संबंधों में सुधार का कोई संकेत नहीं
पिछले साल बांग्लादेश में सत्ता से हटाए जाने के बाद से जब से हसीना ने भारत में शरण ली है, तब से दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। नई दिल्ली ने मोहम्मद यूनुस सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अल्पसंख्यकों पर हमलों पर चिंता जताई है, जबकि ढाका ने कहा कि ये आंतरिक मामले और राजनीतिक प्रकृति के हैं और भारत को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। ढाका ने भारतीय मीडिया के कुछ हिस्सों द्वारा कुछ घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने और गलत सूचना और दुष्प्रचार फैलाने की भी बात कही। बांग्लादेश ने भारत से बार-बार हसीना को भड़काऊ टिप्पणी करने से रोकने का भी आग्रह किया है। बांग्लादेश ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां बांग्लादेश में अस्थिरता पैदा कर रही हैं।
इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा उन्हें और पूर्व मंत्री असदुज्जमां खान को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देश ने भारत से हसीना को प्रत्यर्पित करने का भी अनुरोध किया है।
दोनों तरफ वीजा सेवाओं के सस्पेंशन से एनालिस्ट्स यह भी कह रहे हैं कि दोनों देशों के रिश्ते जल्द ही सामान्य होना मुश्किल हो सकता है। जैसा कि भारत में OP जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस की प्रोफेसर श्रीराधा दत्ता ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया, 'हालांकि हालात मुश्किल और दोस्ताना बिलकुल नहीं लग रहे हैं, यह एक अस्थायी झटका है और उम्मीद है कि दोनों पक्ष फिर से बातचीत शुरू करेंगे। मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश में चुनाव होने के बाद ही हालात सामान्य होंगे।'
