फरवरी 2026 में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद शुरू हुए इस संघर्ष ने पश्चिमी एशिया यानी खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के अलावा, इस युद्ध का सीधा और सबसे बड़ा प्रहार उन महत्वाकांक्षी क्षेत्रों पर पड़ा है जिन्हें खाड़ी देशों ने अपनी अर्थव्यवस्था का आधार बनाने के लिए चुना था। खेल, मनोरंजन, पर्यटन और इवेंट्स, हर क्षेत्र पर होर्मुज संकट और युद्ध की मार पड़ी है। जहां खाड़ी देश विकास की तेज गाड़ी पर सवार थे, अब रफ्तार धीमी पड़ चुकी है। और इसकी सबसे बड़ी वजह है ईरान-यूएस युद्ध और इसके परिणामस्वरूप पैदा हुआ होर्मुज संकट। होर्मुज संकट से किस तरह खाड़ी देशों की इकोनॉमी की रफ्तार पर ब्रेक लगा है, विस्तार से समझते हैं।
प्रमुख घटनाएं और खेल आयोजनों का रद्द होना
खाड़ी देशों (कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन) में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों की झड़ी लगी हुई थी, लेकिन युद्ध के कारण सुरक्षा और हवाई यातायात में व्यवधान के चलते एक के बाद एक कई बड़े आयोजन रद्द या स्थगित करने पड़े।
फॉर्मूला वन (F1) रेस रद्द
अप्रैल के लिए निर्धारित बहरीन ग्रां प्री (Bahrain Grand Prix) और सऊदी अरब ग्रां प्री (Saudi Arabian Grand Prix) दोनों को रद्द कर दिया गया।
शोपीस फुटबॉल मैच रद्द
इसी तरह विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन के बीच दोहा (कतर) में आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित शोपीस फुटबॉल मैच को रद्द कर दिया गया।
MotoGP पर संकट
दोहा में होने वाले कतर मोटोजीपी (MotoGP Qatar Grand Prix) को स्थगित कर नवंबर के लिए रीशेड्यूल किया गया। इसके अलावा आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक वर्ल्ड कप और मई में होने वाले खाड़ी सहयोग परिषद खेल (GCC Games) के आयोजन पर भी गंभीर संकट खड़ा हुआ।
2026 फीफा विश्व कप पर दिखा असर
जून-जुलाई 2026 में होने वाले विश्व कप में भाग ले रही ईरान राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की भागीदारी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और वीजा/यात्रा प्रतिबंधों से अनिश्चितता पैदा हुई।
अबू धाबी में शकीरा का म्यूजिक फेस्टिवल रद्द
अबू धाबी के यास आइलैंड स्थित 'इत्तिहाद पार्क' (Etihad Park) में 21 नवंबर को आयोजित होने वाला 'ऑफलिमिट्स म्यूजिक फेस्टिवल' आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया है। इस फेस्टिवल में मुख्य आकर्षण पॉप स्टार शकीरा (Shakira) थीं। उनके अलावा जोनास ब्रदर्स (Jonas Brothers), नी-यो (Ne-Yo) और बिफी क्लायरो (Biffy Clyro) जैसे अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय कलाकार प्रस्तुति देने वाले थे। क्षेत्रीय तनाव के चलते यह कार्यक्रम पहले 4 अप्रैल से टालकर 21 नवंबर 2026 तय किया गया था। लेकिन 18 अगस्त को आयोजकों ने 2026 के इस संस्करण को पूरी तरह रद्द करने की घोषणा की। आयोजकों ने बताया कि टिकटों का पैसा अपने आप रिफंड (स्वचालित रूप से वापस) कर दिया जाएगा और यह फेस्टिवल अब 2027 में अबू धाबी लौटेगा।
दोहा कॉन्सर्ट फिलहाल स्थगित
कतर टूरिज्म के अनुसार, दोहा में शकीरा का कॉन्सर्ट रद्द नहीं हुआ है, बल्कि इसे आगे बढ़ा दिया गया है। जो शो मूल रूप से 1 अप्रैल को होना था, उसे अब 18 नवंबर के लिए रीशेड्यूल किया गया है। इसका रद्द होना खाड़ी देशों के लिए काफी गंभीर है क्योंकि अब यहाँ का मनोरंजन उद्योग सिर्फ छिटपुट कॉन्सर्ट तक सीमित नहीं है। बड़े म्यूजिक फेस्टिवल्स और स्पोर्ट्स इवेंट्स खाड़ी देशों की उस व्यापक पर्यटन नीति का अहम हिस्सा हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने और होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन व रिटेल (शॉपिंग) जैसे क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।
मनोरंजन, पर्यटन और व्यापारिक सम्मेलनों का ठप होना
दुबई, अबू धाबी और दोहा को वैश्विक स्तर पर बिजनेस और एंटरटेनमेंट हब के रूप में जाना जाता है, लेकिन संघर्ष के कारण 100 से अधिक बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित हुए। दुबई की शोध संस्था नॉर्थबोर्न एडवाइजरी की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में 100 से अधिक व्यापारिक सम्मेलन, ट्रेड शो, कॉन्सर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम या तो रद्द कर दिए गए या अन्यत्र स्थानांतरित कर दिए गए। हमले शुरू होने के 48 घंटों के भीतर दुबई के होटलों में 60% बुकिंग रद्द हो गईं। इसके अलावा अरेबियन ट्रैवल मार्केट (ATM 2026) जैसे विशाल पर्यटन मंच पर अनिश्चितता का साया मंडराया। युद्ध के कारण क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले 37,000 से अधिक हवाई मार्ग बाधित हुए, जिससे प्रमुख एयरलाइंस (इमिरेट्स, कतर एयरवेज, एतिहाद) की उड़ानों के संचालन और यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई।
'नॉन-ऑयल' आर्थिक मॉडल और विजन 2030 को झटका
खाड़ी देश विशेषकर सऊदी अरब और कतर तेल पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए 'आर्थिक विविधीकरण' की नीति पर काम कर रहे थे, जिसे इस युद्ध ने बड़ा झटका दिया है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) का लक्ष्य 2030 तक खेल क्षेत्र का योगदान जीडीपी में 3% तक पहुंचाना था। सऊदी प्रो लीग में क्रिस्टियानो रोनाल्डो और करीम बेंजेमा जैसे फुटबॉल सितारों को लाना और 2034 फीफा विश्व कप की मेजबानी हासिल करना इसी योजना का हिस्सा था। लेकिन वर्तमान अस्थिरता ने इस पूरे मॉडल की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। कतर ने 2022 फीफा विश्व कप के लिए 220 अरब डॉलर खर्च करके दोहा को वैश्विक खेल राजधानी बनाया था। इसके अलावा 2027 में होने वाले FIBA बास्केटबॉल विश्व कप की तैयारियों पर भी क्षेत्रीय तनाव का असर पड़ा है। अगस्त 2026 में यूएई विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हामेली ने घोषणा की कि ईरान द्वारा जहाजों पर मिसाइल हमलों के बाद यूएई ने ईरान के साथ अपने सभी व्यापारिक, व्यावसायिक और वित्तीय लेनदेन स्थगित कर दिए हैं। यूएई की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के टैंकरों को भी निशाना बनाया गया था।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट कितना गहरा?
ईरान द्वारा ब्लॉक की गई इस रणनीतिक जलसंधि के कारण कतर के रास लफान (Ras Laffan) से होने वाले एलएनजी (LNG) निर्यात और वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति को भारी नुकसान पहुंचा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने चेतावनी दी कि अगर आसपास के खाड़ी देश अमेरिका के आर्थिक युद्ध में मदद करेंगे, तो ईरान उन्हें भी अपना दुश्मन मानेगा। तनाव के मद्देनजर सम्मेलन और पर्यटक अब खाड़ी क्षेत्र के विकल्प के रूप में मोरक्को (मराकेश) जैसे तटस्थ और सुरक्षित स्थानों का रुख कर रहे हैं। कुल मिलाकर अमेरिका-ईरान युद्ध ने केवल ऊर्जा बाजार को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि अरब देशों की उस दशकों पुरानी मेहनत को भी झटका दिया है जिसके जरिए वे खुद को दुनिया के पसंदीदा खेल, पर्यटन और बिजनेस हब के रूप में स्थापित कर रहे थे।