एक्सप्लेनर्स

CVR किसी भी Plane Crash की अहम कड़ी, रिकॉर्ड होती है हर बात, 'क्रैश के राज' खोलने में बेहद अहम

What is Cockpit Voice Recorder: किसी भी प्लेन क्रैश के समय ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की तलाश सबसे पहले की जाती है, यहां जानें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) क्या है और यह कैसे काम करता है।

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कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) क्या है

How Cockpit Voice Recorder Working: अहमदाबाद में एयर इंडिया के प्लेन क्रैश की जांच कर रही टीम को कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर मिल गया है इससे इस घटना के कारणों की पड़ताल में काफी मदद मिलेगी पर ये काम कैसे करता है और किस तरीके का ये उपकरण है ये सब जाने यहां...

कॉकपिट का वॉइस रिकॉर्डर क्रू मेंबर्स की आवाज रिकॉर्ड करता है इसी के साथ ही कॉकपिट के भीतर की आवाजें भी इसमें रिकॉर्ड हो जाती हैं

इसके साथ ही इंजन की आवाज, प्लेन की रफ्तार और कोई खास नोट करने वाली गतिविधि को लेकर की गई बातचीत भी इसमें दर्ज हो जाती है।

साथ ही आखिरी सेकेंडों में जब पायलट ने मेडे कॉल दिया तब वहां क्या हो रहा था वो सब इसमें रिकॉर्ड हो जाता है।

फ्लाइट रिकॉर्डर में वास्तव में दो कार्यात्मक उपकरण होते हैं

फ्लाइट रिकॉर्डर, वह उपकरण जो उड़ान में विमान के प्रदर्शन और स्थिति को रिकॉर्ड करता है। सरकारी विनियामक एजेंसियों को दुर्घटनाओं या अन्य असामान्य घटनाओं का विश्लेषण संभव बनाने के लिए वाणिज्यिक विमानों पर इन उपकरणों की आवश्यकता होती है। फ्लाइट रिकॉर्डर में वास्तव में दो कार्यात्मक उपकरण होते हैं, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR), हालांकि कभी-कभी इन दोनों उपकरणों को एक संयुक्त इकाई में एक साथ पैक किया जाता है।

How Cockpit Voice Recorder Working

How Cockpit Voice Recorder Working

रेडियो द्वारा ध्वनि प्रसारण रिकॉर्ड करता है

CVR विमान के कॉकपिट के भीतर चालक दल के सदस्यों के बीच मौखिक संचार और साथ ही रेडियो द्वारा ध्वनि प्रसारण रिकॉर्ड करता है। कॉकपिट में सुनाई देने वाली विमान की आवाजें भी रिकॉर्डर पर कैद हो जाती हैं। फ्लाइट रिकॉर्डर आमतौर पर विमान की पूंछ (tale) में रखे जाते हैं, जो आमतौर पर वह संरचना होती है जो दुर्घटना की स्थिति में सबसे कम प्रभाव के अधीन होती है।

Black Box के अंदर कॉकपिट वायस रिकॉर्डर (CVR)

ब्लैक बॉक्स में कॉकपिट वायस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) होते हैं ये विमान के भीतर सीसीटीवी सिस्टम की तरह काम करता है, सीवीआर पायलट की आवाज, इंजन की आवाज और रेडियो ट्रांसमिशन को रिकार्ड करता है जिससे उस हादसे के वक्त के हालात पता रहें वहीं एफडीआर विमान की ऊंचाई, हवा की गति और दिशा की जानकारी को एकत्र करता है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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