Amravati hospital fire: महाराष्ट्र के अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में सोमवार तड़के अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में वेंटिलेटर पर मौजूद तीन नवजात शिशुओं की जलकर और दम घुटने से मौत हो गई। अपनों को खोने के इस खौफनाक मंजर के बीच पुलगांव निवासी स्वप्निल बार्गे का दर्द सामने आया है, जो कुछ घंटे पहले ही पिता बनने की खुशियां मना रहे थे।
खुशी के पल और तड़के की त्रासदी
स्वप्निल की पत्नी ने रविवार को एक अन्य अस्पताल में समय से पहले और कम वजन वाले बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला महिला अस्पताल के NICU में भर्ती कराया गया था। पहली बार पिता बनने की खुशी में स्वप्निल इतने उत्साहित थे कि उन्होंने फोन करके अपने पूरे परिवार को यह खुशखबरी दी। वे इतने खुश थे कि रात 3 बजे तक सो भी नहीं पाए थे।
3:30 बजे फैला धुआं और चीख-पुकार
तड़के लगभग 3:30 बजे स्वप्निल अस्पताल के गेट पर अपने एक दोस्त के साथ खड़े थे। तभी अचानक एक महिला के चिल्लाने की आवाज आई और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। NICU वार्ड में धुआं भर चुका था और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच रही थीं।
गलियारों में भटकते रहा पिता
आग लगते ही स्वप्निल बदहवास होकर अस्पताल के गलियारों में अपनी पत्नी और एक दिन के बेटे की तलाश करने लगे। वे हर तरफ बदहवास होकर भटकते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी। सुबह 7:30 बजे उनका यह लंबा और दर्दनाक इंतजार बेहद दर्दनाक खबर के साथ खत्म हुआ। अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि NICU में वेंटिलेटर में लगी आग की चपेट में आने से उनके नवजात बेटे की मौत हो चुकी है।
बिलखते हुए स्वप्निल ने कहा कि जिस बेटे को वे ठीक से गोद में भी नहीं ले पाए थे, उसे उन्होंने हमेशा के लिए खो दिया। अस्पताल प्रशासन और मानकापुर व स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुटी है कि वेंटिलेटर में आग किस वजह से लगी और सुरक्षा मानकों में क्या लापरवाही हुई थी।
