Mumbai News: मुंबई में मराठी भाषा सीखने को लेकर विवाद अब सड़क पर उतर आया है। मराठी सीखने के कथित दबाव और ऑटो चालकों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में आज यानी सोमवार 24 अगस्त को मुंबई के कई इलाकों पर ऑटो रिक्शा चालक और मालिक प्रदर्शन (Auto Rickshaw Protest) करते नजर आए। इस प्रदर्शन के दौरान कुछ इलाकों में ऑटोरिक्शा ड्राइवरों ने रिक्शा बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया।
कांदिवली के लोखंडवाला इलाके में ऑटो चालकों ने रिक्शा बंद रखकर प्रदर्शन किया। वहीं दहानूकरवाड़ी इलाके में भी बड़ी संख्या में ऑटो ड्राइवर सड़क पर उतर आए। यही नहीं, उन्होंने अन्य ऑटो चालकों से भी विरोध में रिक्शा बंद रखने की अपील की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भाषा के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
दशकों से मुंबई में चला रहे हैं ऑटो
प्रदर्शन में शामिल हिंदी भाषी ऑटो रिक्शा ड्राइवरों ने दावा किया कि वे पिछले 40-50 वर्षों से मुंबई में रह रहे हैं और यहीं ऑटो रिक्शा चलाकर अपना परिवार चला रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें मराठी भाषा से कोई आपत्ति नहीं है और वे मराठी समझते हैं तथा कुछ हद तक बोल भी लेते हैं।
ऑटो ड्राइवरों का आरोप है कि इसके बावजूद मराठी भाषा को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है और कथित तौर पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। उनका कहना है कि रोजी-रोटी के लिए काम करने वाले ड्राइवरों को भाषा के आधार पर परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
मराठी समझते और बोलते हैं, फिर क्यों परेशान किया जा रहा?
एक प्रदर्शनकारी ऑटो ड्राइवर ने कहा, 'हम दशकों से मुंबई में रहकर ऑटो चला रहे हैं। मराठी भी समझते और बोलते हैं, फिर हमें मराठी के नाम पर परेशान क्यों किया जा रहा है?'
ऑटो ड्राइवरों के आंदोलन ने मुंबई में भाषा और रोजगार से जुड़े पुराने विवाद को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भाषा सीखने के नाम पर उनके खिलाफ दबाव या कार्रवाई न की जाए और उन्हें सम्मानपूर्वक काम करने दिया जाए।
फिलहाल, अलग-अलग इलाकों में हुए इन प्रदर्शनों के चलते स्थानीय स्तर पर ऑटो सेवा प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, अब इस पर सबकी नजर है।
