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"क्या हमारी जिंदगी पति-बच्चे ही हैं...?", Sunita Ahuja ने उजड़ती पारिवारिक जिंदगी के बीच दिया बेबाक बयान

बॉलीवुड कलाकार गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने एक बार फिर से बेबाक बयान देते हुए कहा है कि पत्नियों की जिंदगी का मतलब सिर्फ पति और बच्चे नहीं होना चाहिए। पत्नियां अपने लिए भी जी सकती हैं।

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"क्या हमारी जिंदगी पति-बच्चे ही हैं...?", Sunita Ajuja ने उजड़ती पारिवारिक जिंदगी के बीच दिया बेबाक बयान

बॉलीवुड कलाकार गोविंदा (Govinda) की पत्नी सुनीता आहूजा अक्सर अपने बेबाक बयानों की वजह से लोगों के बीच चर्चा में रहती हैं। निजी जिंदगी से लेकर समाज के ऊपर सुनीता आहूजा खुलकर बयानबाजी करती हैं, जिस कारण लोगों का ध्यान उन पर रहता है। एक बार फिर से सुनीता आहूजा ने इसी तरह का बयान दिया है और कहा है कि औरतें शादी के बाद जिंदगी जीना बंद कर देती हैं जबकि ऐसा होना नहीं चाहिए। पत्नियों की जिंदगी का मतलब सिर्फ पति और बच्चे नहीं होता है। वो खुद के लिए भी जी सकती हैं और अपनी खुशियों के लिए कदम उठा सकती हैं। टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: 'कुछ लोग खुद को क्रिटिक समझने लगे हैं' Ramayana के VFX की हो रही ट्रोलिंग पर रणबीर कपूर ने दिया करारा जवाब

Sunita Ahuja ने भारतीय पत्नियों से की पतियों को ना बिगाड़ने की गुजारिश

सुनीता आहूजा से जब इंटरव्यू में पूछा गया कि भारतीय समाज में महिलाएं ही क्यों सबका ख्याल रखती हैं? इस बारे में बात करते हुए सुनीता आहूजा ने कहा कि पत्नियों ने ही अपने पतियों को बिगाड़ रखा है। सुनीता आहूजा के अनुसार, "हम पत्नियां ही हैं ना जिन्होंने अपने-अपने पतियों को बिगाड़ रखा है। वो जो मांगते हैं, हम देते हैं और उनकी जरूरतें पूरी करते हैं। मैं भी यही करती थी।" टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: 'महाभारत' के युधिष्ठिर को नहीं पसंद आया 'Ramayana' का ट्रेलर, Ranbir Kapoor के लिए कही ये बात

"भारत में पत्नियों का कर्तव्य माना जाता है कि वो पतियों के लिए जूते-मोजे पहनाएंगी। उनके पैर दबाएंगी और उनके लिए कपड़े तैयार करेंगी। पतियों के लिए अपनी पत्नियों के लिए यही काम करना चाहिए। सिर्फ महिलाएं ही घर के काम क्यों करें? घर पर पति क्या करते हैं? वो सिर्फ सोफे पर बैठते हैं और खाते-पीते रहते हैं।"

क्या पत्नियों की जिंदगी सिर्फ पति-बच्चों के इर्द-गिर्द ही हो सकती है?

सुनीता आबूजा ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि क्यों महिलाओं की जिंदगी सिर्फ पति और बच्चों के आसपास ही होती है? सुनीता के अनुसार, "हमारी जिंदगी का मतलब सिर्फ पति और बच्चे नहीं हैं। घरवालों का ख्याल रखना पत्नियों की जिंदगी का हिस्सा है ना कि पूरी जिंदगी है।" सुनीता आहूजा ने इतना बेबाक बयान तब दिया है जब उनके पति गोविंदा के अफेयर की खबरें मीडिया में छा रही हैं। देखना दिलचस्प रहेगा कि जब गोविंदा मीडिया के सामने आएंगे तो सुनीता के विचारों पर क्या विचार देंगे?

Rahul Sharma
राहुल शर्माauthor

राहुल शर्मा एंटरटनमेंट जर्नलिज्म में 13 वर्षों का समृद्ध अनुभव रखते हैं। वह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम के लीड के रूप में काम कर रहे हैं। जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करने वाले राहुल अब तक 14,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई बड़े बॉलीवुड और टीवी सितारों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं, साथ ही प्रभावशाली फिल्म रिव्यू, फीचर स्टोरीज और रोचक थ्रोबैक आर्टिकल भी लिखे हैं। उनकी लेखन शैली में गहराई, सहजता और इंडस्ट्री की गहरी समझ साफ झलकती है। राहुल को फिल्में देखना, नई जगहों की यात्रा करना और किताबें पढ़ना बेहद पसंद है, जो उनकी रचनात्मकता और कंटेंट गुणवत्ता को और निखारते हैं।

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