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आज होगी पहली सियासी फाइट: मेरठ से पीएम मोदी का शंखनाद तो दिल्ली में विपक्ष भरेगा हुंकार, क्या है दोनों खेमों की प्लानिंग?

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 31, 2024, 09:30 AM IST

Lok Sabha Elections: बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए क्रांतिधरा मेरठ को चुना है। पीएम मोदी यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। उधर, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में इंडिया गठबंधन शक्ति प्रदर्शन करेगा। आम आदमी पार्टी का दावा है कि इस मेगा रैली में पूरी दिल्ली उमड़ पड़ेगी।

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दिल्ली में विपक्ष की महारैली तो मेरठ से पीएम मोदी करेंगे शंखनाद।

Photo : Times Now Digital

Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव के लिए सियासी पारा आज से चढ़ना शुरू हो जाएगा। दरअसल, एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के मेरठ से बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे तो दूसरी तरफ दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विपक्षी दलों का 'इंडिया गठबंधन' मेगा रैली आयोजित करने जा रहा है। लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद यह एक तरफ से दोनों गुटों के बीच पहली सियासी फाइट होगी।

बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए क्रांतिधरा मेरठ को चुना है। पीएम मोदी यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। यह रैली इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री के अलावा रालोद के मुखिया चौधरी जयंत सिंह भी शामिल होंगे, वह दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करने जा रहे हैं। उधर, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में इंडिया गठबंधन शक्ति प्रदर्शन करेगा। आम आदमी पार्टी का दावा है कि इस मेगा रैली में पूरी दिल्ली उमड़ पड़ेगी।

मेरठ ही क्यों?

यह तीसरी बार होगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत मेरठ से करेंगे। एक तरह से मेरठ से चुनावी अभियान की शुरुआत बीजेपी के लिए लकी भी साबित हुई है। दरअसल, 2014 और 2019 में भी नरेंद्र मोदी ने मेरठ से ही चुनावी बिगुल फूंका था। ऐसे में एक बार फिर यहीं से शंखनाद होगा। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे कार्यकाल में किसानों का मुद्दा हावी रहा है। ऐसे में वह मेरठ में जनसभा आयोजित करने जा रहे हैं। वह यहां से मेरठ के साथ-साथ हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, कैराना, सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर समेत पश्चिमी यूपी की सियासत को साधेंगे।

अरुण गोविल के लिए प्रचार...

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी मेरठ में बीजेपी प्रत्याशी अरुण गोविल के लिए प्रचार करते नजर आएंगे। वह पीएम मोदी के साथ मंच भी साझा कर सकते हैं। दरअसल, पार्टी ने इस बार मौजूदा सांसद राजेंद्र अग्रवाल का टिकट काटकर अभिनेता वह रामायण में भगवान श्रीराम का किरदान निभाने वाले अरुण गोविल को मैदान में उतारा है। ऐसे में यूपी में बीजेपी के लोकसभा अभियान की शुरुआत जय श्रीराम के उद्धघोष से होगी और पार्टी राम मंदिर के मुद्दे को कैश कराने की पूरी कोशिश भी करेगी। दअसअल, राम मंदिर का निर्माण बीजेपी का सबसे बड़ा मुद्दा रहा है और अब यह मंदिर बनकर तैयार भी हो चुका है।

विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन

दूसरी तरफ, दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों का 'इंडिया गठबंधन' एक मेगा रैली आयोजित करने जा रहा है। इस विशान रैली में विपक्ष के कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे, जिनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, भगवंत मान, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव, कल्पना सोरेन समेत जैसे नाम शामिल हैं। एक तरह से यह रैली अरविदं केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में बुलाई गई है और रैली में शामिल होने के लिए आम आदमी पार्टी के नेताओं ने लोगों को घर-घर जाकर निमंत्रण भी दिया है। विपक्ष की इस रैली को आम आदमी पार्टी लीड करती नजर आ सकती है। हालांकि, इंडिया गठबंधन के नेता इस दौरान अन्य मुद्दों को भी उठा सकते हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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