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ट्रंप ने फिर दिखाया होर्मुज का नक्शा, अमेरिका का हिस्सा बताया, ईरान ने किया पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक तस्वीर साझा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को नया अमेरिकी क्षेत्र (NEW US Territory) करार दिया है।

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ट्रंप ने दिखाया होर्मुज का नया नक्शा

Donald Trump Hormuz Map: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को "नया अमेरिकी क्षेत्र" बताए जाने के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। वहीं, अमेरिका द्वारा ईरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंध लगाने की तैयारी से वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था में भारी अनिश्चितता छा गई है।

होर्मुज पर ट्रंप का पोस्ट और दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक तस्वीर साझा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को नया अमेरिकी क्षेत्र (NEW US Territory) करार दिया है। इससे पहले ट्रंप ने घोषणा की थी कि वे जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर सकते हैं।

ईरान का पलटवार

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई (Mohsen Rezaei) ने ट्रम्प के दावे पर तंज कसा है। रेजाई कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अमेरिका की नाकामी और इस पर अपने दावे के बीच की दूरी वाशिंगटन और जलडमरूमध्य के बीच की 7,000 मील की दूरी से भी ज्यादा है। फारस की खाड़ी के 'पोस्ट-अमेरिकन ऑर्डर' (उत्तर-अमेरिकी युग) में आपका स्वागत है।" ईरान ने पड़ोसी देशों को भी चेतावनी दी है कि वे अमेरिका के आर्थिक युद्ध में शामिल न हों, अन्यथा उन्हें दुश्मन माना जाएगा।

अब तक के सबसे सख्त अमेरिकी प्रतिबंध की तैयारी

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेट (Scott Bessent) ईरान पर इतिहास के सबसे सख्त प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिका ने विशेष रूप से चीन से आग्रह किया है कि वह ईरान से तेल का आयात बंद करने में वाशिंगटन का सहयोग करे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने इन प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट

ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा। केवल कुछ ही जहाजों को जाने की अनुमति दी जा रही है। युद्ध से पहले इस मार्ग से रोजाना 20 मिलियन (2 करोड़) बैरल से अधिक तेल गुजरता था, जो अब घटकर औसतन 8 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है। इस संकट से वैश्विक क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) और LNG टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने का खतरा बढ़ गया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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