Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के सबसे बड़े सियासी कुनबे में छिड़ी चाचा-भतीजे की लड़ाई अब ननद और भाभी के बीच आ गई है। दरअसल, खबर है कि अजित पवार बारामती लोकसभा सीट से सांसद व छोटी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को उतार सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो महाराष्ट्र की इस सीट पर मुकाबला काफी रोमांचक हो सकता है। बता दें, बारामती सीट पवार फैमिली का गढ़ मानी जाती है और 1996 से इस परिवार का यहां पर एकतरफा कब्जा रहा है।
इतना ही नहीं खुद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार भी इसी सीट से विधायक भी हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार 1996 से 2004 तक इस सीट से लगातार सांसद रहे हैं। 2009 से यहां पर सुप्रिया सुले सांसद हैं।
क्यों लगाए जा रहे कयास?
दरअसल, शुक्रवार को अजित पवार ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा, अगली बार ऐसे उम्मीदवार को चुनें जो पहली बार चुनावी मैदान में उतरा हो, लेकिन अनुभवी लोगों से घिरा रहा हो। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि सुनेत्रा पवार इस सीट से उम्मीदवार हो समती हैं। दरअसल, एनसीपी की स्थानीय यूनिट ने एक रथ लॉन्च किया है, जिस पर सुनेत्रा पवार के समाजिक कार्यों का विवरण दिया गया है। यह रथ पूरे लोकसभा क्षेत्र में घूमेगा।
राजनीतिक परिवार से आती हैं सुनेत्रा परिवार
सुनेत्रा पवार अब तक सक्रिय राजनीति से काफी दूर हैं। हालांक, वह एक बड़े राजनीतिक परिवार से आती हैं। सुनेत्रा पवार के भाई पदमसिंह पाटिल पूर्व मंत्री रहे हैं, जबकि उनके भतीजे जगजीतसिंह पदमसिंह पाटिल उस्मानाबाद से भाजपा के विधायक हैं। अजित पवार ने सुनेत्रा का नाम लिए बिना उन्हें मैदान में उतारने के संकेत भी दिए हैं उन्होंने कहा है कि आप पिछले तीन-चार बार से जिसे चुन रहे हैं, उसकी तुलना में यहां से चुना जाने वाला नया सांसद अधिक विकास कार्य करेगा।
वरिष्ठ का बेटा होता तो पार्टी मेरे नियमंत्रण में होती
इससे पहले अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार पर भी हमला किया। उन्होंने कहा, वह वरिष्ठ नेता के बेटे होते तो आसानी से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष बन जाते। उन्होंने अपने चाचा का नाम लिए बिना कहा, यदि मेरा जन्म वरिष्ठ नेता के घर हुआ होता तो मैं स्वाभाविक रूप से पार्टी का अध्यक्ष बन जाता, बल्कि पार्टी मेरे नियंत्रण में आ जाती। लेकिन, मैं आपके भाई के घर पैदा हुआ। अजित ने कहा कि समूचा परिवार उनके विरूद्ध है किंतु पाटी कार्यकर्ता उनके साथ हैं। उन्होंने कहा, हमें निशाना बनाया गया। कहा गया कि हमने यह फैसला (भाजपा से हाथ मिलाने का) सिर्फ अपने खिलाफ जांचों को रोकने के लिए लिया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या हमारे साथ जो लोग हैं, उनमें से हर कोई जांच का सामना कर रहा है?
