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दिल्ली विधानसभा चुनाव में झुग्गी निवासियों की समस्याओं का मुद्दा कितना अहम? BJP ने AAP सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Delhi BJP protests against AAP government: क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव में झुग्गी निवासियों की समस्याओं का मुद्दा अहम साबित होगा? भाजपा ने इसे लेकर आप सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने झुग्गी झोपड़ियों के निवासियों की समस्याओं को लेकर ‘आप' सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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भाजपा ने झुग्गी-झोपड़ियों के निवासियों की समस्याओं को लेकर दिल्ली की 'आप' सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

BJP vs AAP: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के सांसदों, विधायकों और पार्षदों सहित नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए रविवार को विरोध प्रदर्शन किया।

झुग्गियों में रहने वाले लोगों की समस्या को बनाया मुद्दा

भाजपा ने एक बयान में कहा कि ‘आप’ सरकार की लापरवाही से उत्पन्न स्थानीय मुद्दों को उजागर करने के लिए दिल्ली में 968 छोटी और बड़ी झुग्गी बस्तियों में विरोध प्रदर्शन किया गया। बयान के मुताबिक, इन झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शनों में भाग लिया। दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कालकाजी विधानसभा क्षेत्र के गोविंदपुरी झुग्गी बस्ती में विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार के ‘भ्रष्टाचार’ के कारण झुग्गी बस्तियों की हालत खराब हो गई है।

उन्होंने कहा, “यहां न तो सड़कें हैं, न ही साफ-सफाई और न ही पीने के पानी की सुविधा है। इन झुग्गियों के निवासी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। भाजपा की सरकार बनने पर वह झुग्गीवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करेगी।”

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने शुरू किया अभियान

भाजपा ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों से संपर्क करने के लिए व्यापक अभियान चलाया है। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग दिल्ली के मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा हैं और माना जाता है कि वे ज्यादातर अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली पार्टी का समर्थन करते हैं।

भाजपा की दिल्ली इकाई के महासचिव विष्णु मित्तल ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता 15 दिसंबर की रात झुग्गी-झोपड़ियों में रहेंगे और लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में बातचीत करेंगे। भाजपा के अन्य सांसदों, प्रवेश वर्मा और रमेश बिधूड़ी जैसे वरिष्ठ नेता, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता, विधायक अभय वर्मा, ओपी शर्मा व जितेंद्र महाजन और भाजपा की दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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