Congress Plan For Lok Sabha Chunav: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA में सीट बंटवारे पर बात बनने लगी है। उत्तर प्रदेश उन राज्यों में से एक है। यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच कई दौर की बातचीत के बाद आखिर कांग्रेस 17, सपा 62 और भीम आर्मी 1 सीट पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस ने यूपी की 17 सीटों में से 9 पर तय किए अपने उम्मीदवार। संसदीय बोर्ड की अनुमति के बाद सूची होगी जारी।
अजय राय दोबारा बनारस से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
वाराणसी से दोबारा अजय राय कांग्रेस प्रत्याशी होंगे। 2019 के चुनाव में अजय राय ने 14.44 फीसदी वोट हासिल किए थे। सहारनपुर में 2019 के चुनाव में इमरान मसूद तीसरे स्थान पर रहे थे, इस बार उन्हें फिर उम्मीदवार बनाने की तैयारी है। अमरोहा से बसपा के निष्कासित कुंवर दानिश अली, बाराबंकी से पीएल पुनिया के बेटे तनुज पूनिया, झांसी से पूर्व सांसद प्रदीप जैन, गाजियाबाद से डाली शर्मा, महाराजगंज से वीरेंद्र चौधरी, फतेहपुर सीकरी से रामनाथ सिकरवार चुनाव लड़ सकते हैं।
अनुग्रह नारायण सिंह को प्रयागराज से मिलेगा टिकट?
कानपुर नगर से आलोक मिश्रा और अजय कपूर में से कोई एक मथुरा से पूर्व एमएलसी प्रदीप माथुर, देवरिया से अखिलेश प्रताप सिंह या अजय लल्लू, बांसगांव से कमल किशोर और बुलंदशहर से बंसी सिंह के नाम पर विचार चल रहा है प्रयागराज से अनुग्रह नारायण सिंह को चुनाव लड़ाया जा सकता है।
कांग्रेस को मिलीं ये सीटें
- रायबरेली
- अमेठी
- कानपुर
- फतेहपुर सीकरी
- बांसगांव
- सहारनपुर
- प्रयागराज
- महाराजगंज
- वाराणसी
- अमरोहा
- झांसी
- बुलंदशहर
- गाजियाबाद
- मथुरा
- सीतापुर
- बाराबंकी
- देवरिया
राहुल और प्रियंका इस सीट से लड़ सकती हैं चुनाव
रायबरेली और अमेठी से राहुल या प्रियंका के चुनाव लड़ने की संभावना है। अगर गांधी परिवार यहां से चुनाव नहीं लड़ता तो रायबरेली से किसी ब्राह्मण या दलित चेहरे पर कांग्रेस दाव लगा सकती है और अमेठी से किसी युवा पिछड़े चेहरे को चुनाव में उतारा जा सकता है। चर्चा इस बात की भी है कि यहां से वरुण गांधी को निर्दलीय चुनाव मैदान में उतार कर सपा और कांग्रेस उन्हें अपना समर्थन दे दें।
क्या 2017 की गलती दोहरा रही है समाजवादी पार्टी?
अब यह चर्चा का विषय है कि क्या सपा अपनी 2017 वाली गलती को दोहराना चाहती है। वह कांग्रेस को एक चौथाई के करीब सीट देकर कहीं 2017 के विधानसभा चुनाव की गलती तो नहीं दोहरा रही है? समाजवादी पार्टी की तरफ से कांग्रेस के हिस्से में जो 17 सीटें दी गई हैं उनमें से 12 सीटों पर 2019 में कांग्रेस की जमानत जब्त हो गई थी। इनमें से एक सीट बांसगांव भी है, जिसपर कांग्रेस ने 2019 में चुनाव भी नहीं लड़ा था। वह इनमें से केवल रायबरेली सीट पर ही जीत दर्ज कर पाई थी।
कहीं कांग्रेस के साथ खेला तो नहीं कर रही सपा?
कांग्रेस ने 2019 में यूपी के जिन 67 सीटों पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था, उनमें से 63 सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई थी। अमरोहा सीट पर तो 2019 में कांग्रेस को केवल एक प्रतिशत वोट मिले थे। तब इस सीट को बसपा ने जीता था और यहां से दानिश अली सांसद चुने गए थे। अब चर्चा है कि दानिश अली, जिन्हें बसपा ने पार्टी से निलंबित कर दिया है, यहां से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। इस बार कांग्रेस जिन अन्य सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उनमें से 2019 में प्रयागराज, बुलंदशहर, मथुरा, महाराजगंज, देवरिया और गाजियाबाद में उसे दहाई अंक प्रतिशत में भी वोट नहीं मिले थे।
