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सपा-आप से गठबंधन के बावजूद कांग्रेस की मुश्किलों का अंत नहीं, बंगाल-महाराष्ट्र-केरल में बड़ा संकट

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Feb 26, 2024, 11:52 AM IST

सीट शेयरिंग को लेकर अभी कांग्रेस की कई राज्यों में बात अटकी हुई है। मुश्किलों के बीच इंडिया गठबंधन बीजेपी की अजेय चुनाव मशीनरी का मुकाबला करने जा रही है।

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सीट शेयरिंग पर कांग्रेस उलझी

Photo : PTI

Congress Alliance: समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करने के बावजूद, कांग्रेस अभी भी चुनौतियों से जूझ रही है। आम चुनाव कुछ ही महीने दूर हैं और पार्टी बंगाल और महाराष्ट्र में सीट-बंटवारे समझौते को अंतिम रूप नहीं दे पाई है। बंगाल में कांग्रेस की टीएमसी से बात नहीं बन पा रही है तो महाराष्ट्र में भी शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और एनसीपी के साथ पेंच फंसा हुआ है। इन्हीं मुश्किलों के बीच इंडिया गठबंधन बीजेपी की अजेय चुनाव मशीनरी का मुकाबला करने जा रही है।

बंगाल में संकट

बंगाल की स्थिति कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती है। सीट-बंटवारे की चर्चा में तृणमूल कांग्रेस को शामिल करने की कोशिशों में रुकावटें आ गई हैं। अनुभवी नेता अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में बातचीत के बावजूद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस आम सहमति तलाशने में नाकाम रहे हैं। ममता बनर्जी की टीएमसी कांग्रेस को दो से अधिक सीटें देने को तैयार नहीं है। जबकि कांग्रेस 10 सीटों की मांग कर रही है।

महाराष्ट्र में मुश्किलें

महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट के बीच भी पेंच फंसा हुआ है। इंडिया गठबंधन के भीतर सीट-बंटवारे की योजना अब तक तैयार नहीं हुई है। इन दलों के बीच बातचीत अपने अंतिम चरण में बताई जा रही है। राहुल गांधी मौजूदा गतिरोधों को दूर करने के लिए उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा में लगे हुए हैं। कांग्रेस का लक्ष्य मुंबई की छह लोकसभा सीटों में से तीन पर चुनाव लड़ना है, जबकि उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि मुंबई की चार सीटों सहित राज्य भर में 18 लोकसभा सीटें शिवसेना को मिले। दोनों नेताओं के बीच लंबी चर्चा हुई है।

कांग्रेस की केरल चुनौती

केरल में 20 लोकसभा सीटें हैं और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 20 में से 19 सीटें जीती थीं। अब, चूंकि लगातार दूसरे कार्यकाल में वामपंथी सरकार है, वाम नेतृत्व वाले एलडीएफ और यूडीएफ के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बनना बाकी है। ऐसी खबरें हैं कि एलडीएफ आगामी लोकसभा चुनाव फिर से अकेले लड़ सकता है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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