एजुकेशन

बच्चों को स्कूल भेजने की सही उम्र क्या है? जानें भारत सहित दुनिया के बाकी देशों में क्या हैं नियम

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Feb 28, 2024, 04:32 PM IST

What is the Age Criteria for School Admissions: शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और यूनियन टेरिट्रीज को निर्देश दिए हैं कि स्कूल शुरू करने की उम्र 6 साल ही होनी चाहिए। इस फैसले के बाद इंटरनेशनल स्टडी में एडमिशन की उम्र को लेकर बहस शुरू हो गई है। जानें दुनिया के बाकी देशों में बच्चों को स्कूल भेजने की उम्र क्या है।

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What is the minimum age for school in India

The debate over appropriate age of admission to Class 1: भारत में शिक्षा मंत्रालय ने क्लास 1 में एडमिशन के लिए उम्र तय कर दी है। शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल शुरू करने की उम्र 6 साल ही होनी चाहिए। कक्षा 1 में 6 साल से कम उम्र के बच्चों का दाखिला नहीं होना चाहिए। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (National Education Policy) में इस बात का जिक्र किया गया है। इस फैसले के बाद इंटरनेशनल स्टडी में एडमिशन की उम्र को लेकर बहस शुरू हो गई है। आइये इस बात को तथ्यों के आधार पर समझने की कोशिश करें कि बच्चों को स्कूल भेजने की सही उम्र क्या है और भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में क्या प्रावधान है।

Minimum Age for School Admission in india

भारत में नर्सरी में एडमिशन (Nursery School Admission) के लिए बच्चों की उम्र 3 वर्ष केंद्र सरकार की तरफ से निर्धारित की गई है। वहीं, नई शिक्षा नीति 2020 की बात करें तो 3 साल से लेकर 6 साल तक की उम्र में प्री स्कूलिंग यानि कि प्ले ग्रुप, नर्सरी और केजी में दाखिले की बात कही है। वहीं छह वर्ष पूरे होने पर अभिभावक पहली कक्षा में बच्चे का दाखिला करा सकते हैं। 3 साल की उम्र में बच्चे का एडमिशन नर्सरी में कराया जा सकता है। नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत फाउडेंशनल स्टेज पांच सालों से मिलकर बननी चाहिए जिनमें सभी छात्रों को लर्निंग के मौके मिलने चाहिए।

भारत की नई शिक्षा नीति 2020 में क्या है प्रावधान(New education policy on Admission in India)

  • 3 साल से लेकर 6 साल तक की उम्र तक प्री स्कूलिंग
  • 6 साल तक प्ले ग्रुप, नर्सरी और केजी की कक्षाएं शामिल
  • आप 3 साल की उम्र में बच्चे का एडमिशन नर्सरी में करा सकते हैं
  • 6 वर्ष की उम्र में कक्षा एक में प्रवेश की अनुमति
Age Criteria for School Admissions

Age Criteria for School Admissions

दुनिया के देशों में स्कूल जाने की उम्र क्या है

  • ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के स्कूल जाने की उम्र 6 साल है।
  • नॉर्वे में बच्चों के स्कूल जाने की न्यूनतम उम्र 6 साल है।
  • ब्रिटेन में 3 साल के बाद प्री स्कूलिंग शुरू करते हैं, जबकि 5 साल की उम्र में कक्षा-1 में जाते हैं।
  • फ्रांस में बच्चे स्कूल जाना 3 साल की उम्र से शुरू कर देते हैं।
  • यूरोप के हंगरी में 3 साल में बच्चे स्कूल जाने लगते हैं।
  • स्विट्जरलैंड, नॉर्दर्न आयरलैंड और लक्जमबर्ग में बच्चों के स्कूल जाने की उम्र 4 साल है।
  • बुल्गारिया, एस्टोनिया, फिनलैंड, लिथुआनिया, सर्बिया और स्वीडन में स्कूल जाने की उम्र 7 साल है।
Age Criteria for School Admissions

Age Criteria for School Admissions

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी कहती है कि जो पैरेंट्स बच्चे को देर से स्कूल में एडमिशन दिलाते हैं, उनकी परफॉर्मेंस ज्यादा बेहतर होती है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक 7 या 11 साल बच्चों का सेल्फ कंट्रोल बढ़िया रहता है।

Appropriate age of admission to Class 1

Appropriate age of admission to Class 1

सुप्रीम कोर्ट ने भी की थी टिप्पणी (Which age is best for school admission)

सुप्रीम कोर्ट ने 26 अप्रैल 2022 को टिप्पणी करते हुए कहा था कि साइकोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए बहुत छोटी उम्र में बच्चों को स्कूल भेजना उचित नहीं। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश ने टिप्पणी की, 'बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर माता-पिता एक तरह की हड़बड़ी में हैं। मां-बाप चाहते हैं कि दो साल का होते ही बच्चा स्कूल जाने लगे। यह उनके मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं हो सकता।' गुजरात हाई कोर्ट ने भी कहा था कि तीन साल से कम उम्र के बच्चों को प्री-स्कूल जाने के लिए मजबूर करना अवैध है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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