एजुकेशन

CBSE Veer Gatha: क्या है सीबीएसई का वीर गाथा प्रोजेक्ट 2.0, हर स्कूल से जाएंगे 4 छात्रों के नाम

  • Agency by: Agency
  • Updated Nov 2, 2022, 05:22 PM IST

CBSE Veer Gatha Edition 2: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई की ओर से वीर गाथा परियोजना 2.0 शुरू की गई है। इसके तहत संबद्ध स्कूलों के छात्रों को वीरता पुरस्कार विजेताओं पर कई परियोजनाएं शुरू करनी होंगी और सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट को रक्षा और शिक्षा मंत्रालयों की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

Image

सीबीएसई वीरगाथा प्रोजेक्ट

CBSE Veer Gatha Project 2.0: वीर गाथा परियोजना के दूसरे संस्करण के लिए रजिस्ट्रेशन जारी है। प्रोजेक्ट वीर गाथा का पहला संस्करण अगस्त 2021 से जनवरी 2022 तक आयोजित किया गया था। यह सीबीएसई और राज्य बोर्डों से संबद्ध स्कूलों के लिए आयोजित किया जाता है। इसके तहत छात्रों को अलग-अलग प्रोजेक्ट करने होते हैं। वीर गाथा की शुरुआत रक्षा मंत्रालय की ओर से इस विचार के प्रस्ताव के बाद की गई थी कि स्कूली छात्रों को वीरता पुरस्कार विजेताओं के आधार पर परियोजनाओं या गतिविधियों को करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

इसी के अनुसार रक्षा मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सहयोग से वीर गाथा परियोजना 2.0 का आयोजन कर रहा है। यह परियोजना केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़े सभी स्कूलों सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी स्कूलों के लिए खुली है।

वीरता पुरस्कार विजेताओं पर और सर्वश्रेष्ठ परियोजना को रक्षा और शिक्षा मंत्रालयों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। वीर गाथा 1.0 के विजेताओं की घोषणा 12 अगस्त, 2022 को की गई थी।

विषय और श्रेणी विवरण: कक्षा 6 से 10 तक का विषय एक ही है। छठी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को कविता/निबंध (300 शब्द)/कहानी (300 शब्द) पेंटिंग/ड्राइंग/वीडियो लिखना होगा। कक्षा 9वीं से 10वीं तक के छात्रों को कविता/निबंध (750 शब्द)/कहानी (750 शब्द) पेंटिंग/ड्राइंग/वीडियो लिखना होगा।

वीरगाथा का हिस्सा बनने की प्रक्रिया:

आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।

फिर लेटेस्ट @cbse ऑप्शन पर जाएं।

प्रोजेक्ट वीर गाथा वर्जन-2 लिंक की तलाश करें।

फिर आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें।

इसके बाद अपनी प्रविष्टि को सब्मिट कर दें।

वीर गाथा प्रोजेक्ट: इस परियोजना को सशस्त्र बलों, अन्य कानूनी रूप से गठित बलों और नागरिकों के अधिकारियों / कर्मियों के बहादुरी और बलिदान के कार्यों का सम्मान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वर्ष में दो बार वीरता पुरस्कारों की घोषणा की जाती है।

प्रभाष रावत
प्रभाष रावतauthor

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक विषयों में विशेष रुचि रखने वाले प्रभाष रावत कुछ-ना-कुछ नया सीखते रहने में विश्वास करते हैं। बीते 5 साल से ज्यादा समय में पत्रकारिता की कई बीट पर काम करने का अनुभव। साथ ही संवाद और लेखन से खुद को व्यक्त करने के अलावा आध्यात्म भी इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

और पढ़ें
End of Article