UP D.EL.ED: उत्तर प्रदेश में डीएलएड कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के डीएलएड में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन को मिनिमम क्वालिफिकेशन के रूप में बहाल करने के फैसले के बाद इस महीने के अंत तक आवेदन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने एडमिशन के संभावित टाइम टेबल को शासन को भेज दिया है। इसे मंजूरी मिलते ही ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए जाएंगे।
बताते चलें कि इस साल एडमिशन के लिए राज्य भर में 2,33,350 सीटों पर एडमिशन होने हैं। इनमें से 67 जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान में 10,600 सीटें और 2974 प्राइवेट कॉलेजों में 2,22,750 सीटें शामिल हैं। मामला कुछ समय से कोर्ट में लंबित था, जिसके चलते ये प्रोसेस करीब चार महीने देरी से शुरू हो रहा है।
कोर्ट का फैसला
कोर्ट के फैसले की बात करें तो 3 नवंबर 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच ने डीएलएड एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन को मिनिमम क्वालिफिकेशन के तौर पर एकदम सही ठहराया है। कोर्ट ने साफतौर पर कहा है कि राज्य सरकार को ये अधिकार है कि ये प्रशिक्षण कोर्स या फिर सहायक अध्यापक नियुक्त के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय की जाए।
डीएलएड 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया नवंबर के अंत में होने की संभावना है। उम्मीदवार आधिकारिक बेवसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे और फिर शासनादेश की मंजूरी मिलते ही पूरी प्रक्रिया का कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा था कि एनसीटीई ने स्वयं ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर शिक्षा मानक निर्धारित करने के लिए न्यूनतम अर्हता निर्धारित की है। सरकार का कहना था कि सरकार को न्यूनतम अर्हता तय करने का अधिकार है।
कोर्ट ने कहा कि एनसीटीईटी निर्धारित अर्हता अकेले नहीं पढ़ी जाएगी। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता का भी खास ध्यान रखा जाएगा।
