12वीं की बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद हर छात्र का सपना होता है कि वह देश के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज या यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा (Higher Education) प्राप्त करे। लेकिन कई बार आर्थिक तंगी और कॉलेज की भारी-भरकम फीस छात्रों के इस सपने के आड़े आ जाती है और इसके चलते छात्र अपना सपना छोड़ देते हैं। भारत सरकार ने इन्हीं छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार के स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किए हुए हैं, ताकि आर्थिक कारणों के चलते कोई भी उम्मीदवार को शिक्षा का रास्ता न छोड़ना पड़े। आइए आपको भारत सरकार के Scholarship प्रोग्राम के बारे में बताएं।
सेंट्रल सेक्टर स्कीम ऑफ स्कॉलरशिप (CSSS)
यह स्कॉलरशिप भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को कॉलेज की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता देना है। इस स्कॉलरशिप के लिए 12वीं कक्षा के छात्र आवेदन कर सकते हैं। जिन्होंने अपनी संबंधित बोर्ड में टॉप 20% छात्रों की सूची में पास की हो। साथ ही, परिवार की सालाना आय 4.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। ग्रेजुएशन के पहले तीन सालों के लिए 12,000 रुपये सालाना और पोस्ट-ग्रेजुएशन के दौरान 20,000 रुपये सालाना की वित्तीय मदद मिलती है।
इंस्पायर स्कॉलरशिप (INSPIRE SHE)
यदि आपकी रुचि साइंस के क्षेत्र में है और आप आगे चलकर रिसर्च या वैज्ञानिक बनना चाहते हैं, तो डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) द्वारा चलाई जाने वाली यह स्कॉलरशिप आपके लिए बेहतरीन है। उम्मीदवार का 12वीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप 1% मेधावी छात्रों में शामिल होना जरूरी है। इसके साथ ही छात्र बेसिक और नेचुरल साइंसेज (जैसे- B.Sc, MA) में एडमिशन ले रहा हो। इस योजना के तहत छात्र को कुल 80,000 रुपये सालाना दिए जाते हैं, जिसमें 60,000 रुपये नकद स्कॉलरशिप और 20,000 रुपये समर रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए मिलते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - NIRF रैंकिंग में भारत के टॉप 10 मेडिकल कॉलेज, नीट यूजी रैंक से मिलेगा एडमिशन
पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप (PM YASASVI)
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली यह योजना विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) और गैर-अधिसूचित/घुमंतू जनजातियों (DNT) के छात्रों के लिए है। इस स्कॉलरशिप के लिए छात्र किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहा हो और उसके माता-पिता की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक न हो। इस योजना के जरिए टॉप क्लास कॉलेजों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रों की ट्यूशन फीस और रहने का खर्च सरकार वहन करती है।
प्रगति स्कॉलरशिप स्कीम (Pragati Scholarship)
यह योजना अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा विशेष रूप से लड़कियों को तकनीकी शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जाती है। किसी भी एआईसीटीई (AICTE) से मान्यता प्राप्त संस्थान में डिग्री या डिप्लोमा के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली छात्राएं इसके लिए पात्र हैं। परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इस स्कॉलरशिप के माध्यम से छात्राओं हर साल अधिकतम 50,000 रुपये की सहायता राशि कॉलेज की फीस और अन्य खर्चों के लिए दी जाती है।
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति
इस स्कॉलरशिप में पूरी ट्यूशन फीस माफी और रहने-खाने के लिए मासिक मेंटेनेंस अलाउंस शामिल होता है। इस स्कॉलरशिप के लिए वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 2.5 लाख रुपये और OBC के लिए 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - University और Institute में क्या अंतर होता है? दोनों को एक समझने की न करें भूल
पीएमएमएस (PMSS)
यह स्कॉलरशिप केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली स्कॉलरशिप है। हाल ही में इस छात्रवृत्ति की राशि में भी बदलाव हुआ है। अब लड़कों को 3,000 प्रति माह और लड़कियों को 3,500 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं।
स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कैसे करें?
भारत सरकार की अधिकांश स्कॉलरशिप योजनाओं के लिए आवेदन करने का तरीका अब बेहद आसान है। उम्मीदवारों को एनएसपी पोर्टल scholarships.gov.in खुद को रजिस्टर करना है और उस पर दी गई स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना है। दस्तावेज अपलोड करना है और फॉर्म सबमिट कर प्रिंट आउट रखना है।
