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रायगढ़ के दिवेआगर बीच में बड़ा हादसा, पिकनिक मनाने गए 8 छात्र समुद्र में डूबे; सभी शव बरामद

महाराष्ट्र के रायगढ़ में समुद्र किनारे पिकनिक मनाने गए आठ बच्चों की डूबकर मौत हो गई। फिलहाल, सभी छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

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महाराष्ट्र के रायगढ़ में समुद्र में डूबे आठ छात्र

रायगढ़ : जिले के दिवेआगर में बड़ा हादसा सामने आया है। यहां घूमने आए आठ छात्र समुद्र में डूब गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सभी लोग पुणे के आलंदी से एक निजी कोचिंग क्लास के टूर पर दिवेआगर पहुंचे थे। फिलहाल, रेस्क्यू के बाद आठों छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि समूह के लोग समुद्र में उतरे थे। इसी दौरान गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा पाने के कारण वे पानी में मुश्किल में फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से सभी छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं। छात्रों के नाम क्या हैं अभी तक इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस ने बताया कि 11वीं और 12वीं क्लास के ये छात्र पुणे ज़िले के आलंदी में 'विनर्स एकेडमी' नाम की प्राइवेट कोचिंग क्लास के ग्रुप का हिस्सा थे। वे मुंबई से लगभग 170 किलोमीटर दूर दिवेआगर बीच पर घूमने आए थे और उनमें से आठ डूब गए।

कौन थे छात्र कहां से आए थे

पुलिस अधिकारी ने बताया कि 48 लोगों का एक ग्रुप - जिसमें 25 लड़के, 17 लड़कियां और छह टीचर शामिल थे। ये सभी दिघी कोस्टल पुलिस स्टेशन के इलाके में आने वाले बीच पर पिकनिक मनाने गए थे। बताया कि आठ छात्र समुद्र में चले गए और पानी की गहराई व बहाव का सही अंदाज़ा न लगा पाने के कारण बह गए। अलर्ट मिलने के बाद सर्च और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और शवों को बाहर निकाला। फिलहाल, आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए पुलिसकर्मी और स्थानीय अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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