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Etah News: एटा में मंदिर में पुजारी की ईंटों से कूचकर हत्या, खून से लथपथ मिले, 250 मीटर दूर घायल मिला एक युवक

पुजारी भोजराज करीब 20 वर्षों से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ कर रहे थे। उनका शव मंदिर के अंदर चारपाई पर मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, उनके पैर बंधे हुए थे और सिर पर गंभीर चोटें थीं।

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प्रतीकात्मक फोटो

एटा के निधौली कलां थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में गुरुवार सुबह मंदिर में करीब 70 वर्षीय पुजारी भोजराज का शव मिलने से सनसनी फैल गई। भोजराज करीब 20 वर्षों से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ कर रहे थे। उनका शव मंदिर के अंदर चारपाई पर मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, उनके पैर बंधे हुए थे और सिर पर गंभीर चोटें थीं। चारपाई के पास ईंटें पड़ी मिलीं। प्रथम दृष्टया ईंटों से सिर पर वार कर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

घटना के कुछ ही देर बाद मंदिर से करीब 250 मीटर की दूरी पर गांव का 22 वर्षीय युवक ब्रजेश कुमार भी घायल अवस्था में मिला। उसके सिर में चोटें थीं। ग्रामीणों ने उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एटा पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे आगरा रेफर कर दिया।

एक ही गांव में दो घटनाओं से मचा हड़कंप

गांव के रमेश चंद्र ने बताया कि ग्रामीण भोजराज का शव देखने मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर मंदिर से करीब 250 मीटर दूर घायल अवस्था में पड़े ब्रजेश पर पड़ी। ब्रजेश अविवाहित है। ग्रामीणों के मुताबिक उसके सिर में चोटें थीं और उस पर भी ईंटों से हमला किए जाने की आशंका है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ब्रजेश को चोट कैसे लगी और क्या उसका भोजराज की हत्या की घटना से कोई संबंध है।

चारपाई पर बंधे मिले पैर, पास में पड़ी थीं ईंटें

ग्रामीणों के अनुसार, भोजराज का शव मंदिर के अंदर चारपाई पर मिला और उनके पैर बंधे हुए थे। मौके पर ईंटें भी मिलीं। आशंका है कि हमलावरों ने ईंटों से उनके सिर पर कई वार किए। चारपाई के पास एक चाबी मिलने की भी जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों के मुताबिक भोजराज की जेब से रुपये-पैसे नहीं मिले। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या का उद्देश्य क्या था और मौके से मिले सामान का घटना से क्या संबंध है।

पहले से कहते थे-कोई पथराव करता है, मुझे मार देगा

गांव के रमेश चंद्र ने बताया कि भोजराज ने पहले अपने नाती और भतीजे को बताया था कि मंदिर पर अक्सर कोई पथराव करता है। उन्होंने आशंका जताई थी कि कोई उनकी हत्या कर सकता है। रमेश चंद्र के अनुसार, परिवार ने उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। अब इस जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस मंदिर पर पहले होने वाले पथराव और उससे जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

रात सात बजे भतीजे ने खिलाया था खाना

मृतक के भतीजे प्रेमपाल ने बताया कि बुधवार शाम करीब सात बजे उन्होंने अपने चाचा को खाना खिलाया था। उस समय भोजराज ठीक थे। इसके बाद वह मंदिर पर ही रहे। गुरुवार सुबह उनकी हत्या की जानकारी मिली। प्रेमपाल के मुताबिक, भोजराज ने किसी व्यक्ति से विवाद या किसी तत्काल खतरे के बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं दी थी।

एएसपी समेत पुलिस टीम ने खंगाला घटनास्थल

वारदात की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वायड की मदद से भी सुराग तलाशे गए। क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भोजराज लंबे समय से मंदिर में रह रहे थे। उनकी हत्या की गई है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस पुजारी की हत्या और मंदिर से 250 मीटर दूर घायल मिले ब्रजेश की घटना की कड़ियां जोड़कर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घायल युवक के बयान और फॉरेंसिक जांच के आधार पर हत्या की परिस्थितियों और आरोपियों के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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