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ICC ने किए क्रिकेट के नियमों में बड़े बदलाव, दिन के टेस्ट मैचों में अब हो सकेगा गुलाबी गेंद का उपयोग

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने दिन में होने वाले टेस्ट मुकाबलों में ट्रायल के तौर पर गुलाबी गेंदों के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा भी आईसीसी की क्रिकेट समिति ने कई बड़े बदलाव

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आईसीसी (फोटो क्रेडिट AI Generated/News Room Verified)

दुबई: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने दिन में होने वाले टेस्ट मुकाबलों में ट्रायल के तौर पर गुलाबी गेंदों के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य दिन के अंतिम सत्र में कम होती रोशनी के प्रभाव को कम करना है जिसके कारण अक्सर कम ओवर फेंके जाते हैं। खेल की नई शर्तें एक अक्टूबर या उसके बाद शुरू होने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं पर लागू होंगी। इसका मतलब है कि गुवाहाटी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला आगामी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी मैच शहर में जल्दी सूर्यास्त को देखते हुए गुलाबी गेंद से खेला जा सकता है।

आपसी सहमति से होगा पिंक बॉल का इस्तेमाल

आईसीसी ने कहा कि टेस्ट मैच से पहले गुलाबी गेंदों के इस्तेमाल का फैसला आपसी सहमति से लिया जाना चाहिए और यह पूरी श्रृंखला में लागू रहेगा।

आईसीसी ने बयान में कहा,'खराब रोशनी के कारण खेल में पड़ने वाले व्यवधान को कम करने के लिए ट्रायल के तौर पर दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में आपसी सहमति से गुलाबी गेंदों का उपयोग किया जा सकता है। गुलाबी गेंद के उपयोग पर टेस्ट मैच शुरू होने से पहले सहमति होनी चाहिए। एक बार सहमति हो जाने के बाद यह मैच की पूरी अवधि के लिए लागू रहेगा।मैच शुरू होने के बाद फैसला नहीं बदला जा सकता है। मैच शुरू होने के बाद लाल गेंद को गुलाबी गेंद में बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और आईसीसी पुरुष क्रिकेट समिति के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि खेल को वर्तमान समय के साथ तालमेल बिठाने में मदद करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा,'खेल की शर्तों (प्लेईंग कंडीशंस) में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनमें क्रिकेट गेंदों से संबंधित प्रावधान, फील्डिंग के कुछ पहलुओं के बारे में अधिक स्पष्टता और खेल की गति में सुधार लाने के उद्देश्य से किए गए उपाय शामिल हैं।'

आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर नहीं होगा खेल खत्म

नई शर्तों के अनुसार अब दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल स्वतः समाप्त नहीं होगा। पुराने नियम से समय की बचत नहीं होती थी क्योंकि शेष गेंदों को अगले दिन फेंकना पड़ता था।

महिला क्रिकेट में होगा नई गेंद का इस्तेमाल

फिलहाल महिला क्रिकेटर अभी जूनियर क्रिकेट के लिए बनी गेंदों का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन अब से इस वर्ग के लिए अलग माप की गेंदों का इस्तेमाल किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार नई गेंद का वजन पांच औंस (142 ग्राम) से कम नहीं होना चाहिए और न ही 5.25 औंस (149 ग्राम) से अधिक होना चाहिए। इसकी परिधि 8.46 इंच (21.5 सेंटीमीटर) से कम नहीं होनी चाहिए और न ही 8.66 इंच (22 सेंटीमीटर) से अधिक होनी चाहिए।

बल्लेबाजों पर लगेगी समय बर्बाद करने पर नकेल

खेल की नई शर्तों में समय बर्बाद करने वाले बल्लेबाजों पर भी नकेल कसी जाएगी। ऐसा करने वाले बल्लेबाज को दो बार चेतावनी दी जाएगी लेकिन तीसरी बार ऐसा करने पर फील्डिंग करने वाली टीम को पांच रन दिए जाएंगे।

ओवरथ्रो का भी बदला नियम

ओवरथ्रो से जुड़े नियम में भी बदलाव किया गया है। अब इसका मतलब गेंद को विकेट को निशाना बनाने के प्रयास को ही ओवरथ्रो माना जाएगा। गेंद को रोकने या किसी अन्य फील्डर के पास देने के प्रयास में की गई फील्डिंग में चूक को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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