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'हमें इस बहादुर पायलट पर गर्व है'...पूरा देश कर रहा कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती के लिए दुआएं

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की खबर जैसे ही सामने आई, उनके स्थानीय इलाके और मुंबई भर में गर्व की लहर दौड़ गई। मुंबई में लोग हाथों में राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' लेकर कैप्टन स्मित की सलामती की दुआएं कर रहे हैं।

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कैप्टन स्मित मच्छार के लिए प्रार्थनाएं

Captain Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइदुबई (Flydubai) की फ्लाइट में मिड-एयर चाकूबाजी और बड़े आतंकी हमले के प्रयास को नाकाम करने वाले बहादुर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) के अदम्य साहस पर पूरे देश के साथ-साथ उनका गृह क्षेत्र और मुंबई शहर गर्व से भर उठा है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित पर पूरे देश की नजरें लगी हैं। पूरा देश और मुंबई इस समय अपने इस वीर बेटे की सलामती की दुआ कर रहा है।

मुंबई की सड़कों पर 'भारत माता की जय'

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की खबर जैसे ही सामने आई, उनके स्थानीय इलाके और मुंबई भर में गर्व की लहर दौड़ गई। मुंबई में लोग हाथों में राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' लेकर कैप्टन स्मित की सलामती की दुआएं कर रहे हैं। भारत माता की जय और "कैप्टन स्मित जिंदाबाद" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थानीय लोगों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने कैप्टन स्मित के जल्द से जल्द स्वस्थ होकर वतन लौटने के लिए विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया।

इलाके के लोगों और पड़ोसियों ने क्या कहा?

कैप्टन स्मित के जानने वालों और स्थानीय निवासियों की आंखें गर्व और उत्सुकता से भरी हुई हैं। कैप्टन स्मित मच्छार के पूर्व पड़ोसी डॉ. जनित शाह ने कहा, स्मित एक प्रतिभाशाली, मृदुभाषी और नेक इंसान हैं। दुबई जाने से दो-तीन साल पहले तक वे पिछले 10-15 सालों से मेरे पड़ोसी थे। अब यह खबर सामने आई है कि चाकू लगने के बावजूद उन्होंने 174 लोगों की जान बचाई। वे एक अद्भुत व्यक्ति हैं और मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मुझे उम्मीद है कि उनका परिवार इस सदमे से उबर पाएगा।

बचपन के दोस्त ने क्या बताया?

कैप्टन स्मित मच्छर के बचपन के दोस्त प्रतीक गांधी कहते हैं, मेरा जन्म और पालन-पोषण यहीं हुआ है... हम बचपन से लेकर 2008 तक साथ रहे...जब खबर आई और हमें पता चला कि यह स्मित हैं, तो हम सभी सदमे में थे। हम तुरंत चिंतित हो गए और सोचने लगे कि आखिर क्या हुआ है और उनकी हालत कैसी है। आज हमें पता चला है कि उनकी हालत ठीक है और उनकी सर्जरी हो चुकी है।

174 जिंदगियां बचाने वाला जांबाज

33,000 फीट की ऊंचाई पर जब को-पायलट ने अचानक हमला कर विमान को गिराने की कोशिश की, तब कैप्टन स्मित मच्छार ने लहूलुहान अवस्था में भी प्लेन की कमान नहीं छोड़ी और हमलावर से मुकाबला करते रहे। उनकी इस सूझबूझ से ही विमान की सउदी अरब के ताबूक में आपातकालीन लैंडिंग संभव हो सकी। सउदी अरब के ताबूक शहर स्थित अस्पताल में उनका इलाज जारी है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास लगातार सउदी अधिकारियों के संपर्क में हैं और उनके स्वास्थ्य की हर पल की अपडेट ले रहे हैं।

लैंडिंग के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को ताबूक के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भारतीय अधिकारियों के अनुसार कैप्टन स्मित मछार की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। उनकी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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