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1.2 करोड़ का पैकेज देने वाले FMS Delhi में कैसे मिलता है एडमिशन, जानिए कितनी है यहां कि फीस

FMS Delhi एमबीए के लिए देश के सबसे प्रसिद्ध संस्थानों में कम फीस में लाखों-करोड़ों का पैकेज मिलता है। अगर आप भी यहां से एमबीए करने की सोच रहे हैं तो आइए इस संस्थान के बारे में जानें।

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FMS Delhi में कैसे मिलता है एडमिशन (Photo - AI)

FMS Delhi Admission: जब भी किसी छात्र के मन में MBA करने की इच्छा जागती है, तो उसके दिमाग में देश के सबसे प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थानों के नाम तैरने लगते हैं। इन्हीं में से एक है दिल्ली विश्वविद्यालय का 'फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज', जिसे 'सपनों की लाल इमारत' के नाम से भी जाना जाता है। हर साल लाखों छात्र इस लाल इमारत में कदम रखने का सपना लेकर CAT परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन कड़े कॉम्पिटिशन के कारण कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों का ही यह सपना सच हो पाता है।

एफएमएस दिल्ली (FMS Delhi) में प्रवेश पाने का सीधा मतलब है—करियर की सफलता और लाखों-करोड़ों रुपये के सैलरी पैकेज की गारंटी! अपनी हाई-क्वालिटी एजुकेशन, शानदार रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) और बेमिसाल कैंपस एक्सपीरियंस के लिए मशहूर इस संस्थान से पढ़े छात्र आज देश और दुनिया की दिग्गज कंपनियों में सीईओ और MD जैसे बड़े पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आइए, सपनों की इस लाल इमारत के गौरवशाली इतिहास, एडमिशन प्रोसेस, कट-ऑफ और इसके बेजोड़ प्लेसमेंट के बारे में विस्तार से समझते हैं।

FMS का इतिहास

फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में एडमिशन के बारे में जानने से पहले एक उम्मीदवार के लिए इसके इतिहास के बारे में भी जानना उतना ही जरूरी है। इसलिए आइए पहले FMS को इतिहास पर नजर डालें और जाने यह संस्थान एमबीए पढ़ाने वाला भारत का टॉप मैनेजमेंट संस्थान कैसे बना।

FMS की स्थापना 1954 में दिल्ली विश्वविद्यालय के अधीन की गई थी। इसमें जानने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि इस संस्थान की शुरुआत प्रो. ए. दासगुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के परिसर से की गई थी, जिसे डी स्कूल के तौर पर भी जाना जाता है। शुरुआती समय में यहां तीन साल का पार्ट टाइम पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम शुरू किया गया था। यह सीनियर और मिड लेवल का था। 1967 में यहां फुल टाइम एमबीए कोर्स की शुरुआत की गई। सालों बाद एफएमएस ने कई फॉरेन इंडस्ट्री और मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के साथ कोलैबोरेट किया ताकि नई ऊंचाई को छू जा सके। देखते ही देखते एफएमएस SAARC के एसोसिएशन ऑफ मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट का फाउंडिंग मेंबर बना और उसके बाद 2014 में FMS Fourm की शुरुआत की गई जो पूर्व यानी Alumni छात्रों का एक संघ है।

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FMS में कैसे मिलता है एडमिशन

भारत के हर मैनेजमेंट संस्थान की तरह फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीस में भी एडमिशन लेने के लिए कैट (CAT) परीक्षा देना अनिवार्य है। कैट की रैंक के आधार पर ही यहां कट-ऑफ जारी की जाती है, जिसके अनुसार छात्रों को एडमिशन दिया जाता है।

लेकिन बता दें कि सिर्फ कैट की रैंक के आधार पर यहां एडमिशन नहीं होता है। कैट की रैंक के साथ उम्मीदवार का एकेडमिक रिकॉर्ड भी अच्छा होना चाहिए। इसके साथ पर्सन इंटरव्यू और स्टेटमेंट ऑफ परपज के आधार पर उम्मीदवार का चनय किया जाता है।

FMS में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन में कितने अंक चाहिए?

एफएमएस में प्रवेश प्राप्त करने के लिए एक उम्मीदवार के ग्रेजुएशन में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने अनिवार्य हैं। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 5 प्रतिशत की छूट है यानी उन्हें कम से कम 45 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता है।

CAT में कितनी परसेंटाइल पर होता है FMS में एडमिशन?

कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी CAT परीक्षा के माध्यम से एफएमएस में प्रवेश प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों को इस परीक्षा में कम से कम 98 प्लस परसेंटाइल प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। तभी वह अपने पसंद का संस्थान यानी एफएमएस प्राप्त कर पाएंगे।

FMS का फीस स्ट्रक्चर क्या है?

फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, एमबीए कोर्स की कुल फीस 243,272 है। उम्मीदवार को प्रति समेस्टर 60,818 रुपये की फीस का भुगतान करना है। 2 साल के इस कोर्स में 4 सेमेस्टर होते हैं।

FMS में कितनी कट-ऑफ जारी है?

एफएमएस के कंपोजिट कट-ऑफ स्कोर की बात करें तो यह 46.739 तक रहा है। वहीं अगर कैट स्कोर की बात करें तो वो 99 परसेंटाइल तक जाती है। यह सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए है। OBC के लिए कट-ऑफ 35.18997.5, EWS - 37.03197.7, SC - 29.37080, ST - 23.14080 तक जा सकती है।

FMS में क्या-क्या कोर्स हैं ?

एफएमएस में फुल टाइम एमबीए कोर्स के अलावा छात्र एग्जीक्यूटिव एमबीए और पीएचडी प्रोग्राम भी उपलब्ध है, जिसके लिए उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। फुल टाइम एमबीए कोर्स की ही तरह एग्जीक्यूटिव कोर्स भी 2 साल का कोर्स है।

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FMS में MBA की कितनी सीटें उपलब्ध हैं?

एफएमएस दिल्ली (FMS Delhi) के फुल टाइम एमबीए प्रोग्राम में कुल 251 स्वीकृत सीटें हैं। इसके अलावा आरक्षित और विभिन्न अतिरिक्त कोटे को मिलाकर कुल सीटों की संख्या लगभग 289 से 314 तक चली जाती है।

FMS का प्लेसमेंट पैकेज कितना जाता है?

एफएमएस दिल्ली का प्लेसमेंट पैकेज हर साल शानदार रहता है। यह संस्थान अपने 100% प्लेसमेंट के लिए जाना जाता है। बता दें कि यहां का औसत प्लेसमेंट पैकेज ही 32 से 34 लाख रुपये तक जाता है, जो IIM के प्लेसमेंट पैकेज से अधिक है। बात करें अगर इससे उच्चत यानी हाई प्लेसमेंट पैकेज की तो वह 1.1 करोड़ से 1.23 करोड़ रुपये सालाना तक हो सकता है। यही कारण है कि अधिकांश छात्र इस संस्थान में पढ़ने का सपना लिए आते हैं।

FMS दिल्ली से इन दिग्गजों ने की है पढ़ाई

एफएमएस दिल्ली के Alumni यानी पूर्व छात्रों की बात करें तो इस संस्थान से रीत नागपाल, जो Tata Play के एमडी और सीईओ है, ने शिक्षा प्राप्त की है। इनके अलावा रिलायंस जियो के पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ संदीप दास, नंदिता सिन्हा Myntra की सीईओ (CEO), संध्या देवनाथन Meta इंडिया की वीपी (VP) और हेड, राघव बहल Network18 के संस्थापक और प्रबंध निदेशक, अश्विनी विंडलास Bata India के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन आदि शामिल है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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