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क्या Executive MBA के बाद बदल जाएगी आपकी जॉब? जानें कैंपस प्लेसमेंट से जुड़ा सच

Executive MBA प्रोग्राम की बढ़ती लोकप्रियता के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल इसकी प्लेसमेंट को लेकर बना हुआ है। क्या इस कोर्स में छात्रों को फुल टाइम एमबीए कोर्स करने वाले छात्रों की तरहा प्लेसमेंट है? आइए जानते हैं इसका जवाब -

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Executive MBA (Photo - AI)

Executive MBA Placement: भारत में बीते कुछ सालों के दौरान एग्जीक्यूटिव एमबीए (Executive MBA) प्रोग्राम का रुझान और लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ी है। नौकरी के साथ-साथ MBA की पढ़ाई करने की चाह रखने वाले वर्किंग प्रोफेशनल के लिए यह कोर्स एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है, क्योंकि हर किसी के लिए अपनी नौकरी छोड़कर रेगुलर एमबीए करना संभव नहीं होता। ऐसे में बिना नौकरी छोड़े एमबीए की डिग्री हासिल करने का अवसर मिलना बेहद फायदेमंद होता है।

हालांकि, इस कोर्स को लेकर अभ्यर्थियों के मन में सबसे अहम सवाल प्लेसमेंट की सुविधा को लेकर रहता है। आमतौर पर रेगुलर एमबीए करने वाले छात्रों को संस्थान की ओर से आयोजित होने वाले प्लेसमेंट ड्राइव में भाग लेने और नौकरी पाने का मौका दिया जाता है। ऐसे में एग्जीक्यूटिव एमबीए करने वाले अभ्यर्थियों के बीच यह संशय रहता है कि खास तौर पर कामकाजी लोगों के लिए तैयार किए गए इस प्रोग्राम में उन्हें संस्थान द्वारा प्लेसमेंट की सुविधा मिलेगी या नहीं।

एमबीए से कैसे अलग है एग्जीक्यूटिव एमबीए कोर्स

एग्जीक्यूटिव एमबीए में प्लेसमेंट मिलती है या नहीं? इसके बारे में जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि एग्जीक्यूटिव एमबीए और रेगुलर एमबीए कोर्स में क्या अंतर है? इन दोनों में सबसे पहला अंतर यह है कि एमबीए ग्रेजुएशन के तुरंत बाद की जा सकती है, जबकि एग्जीक्यूटिव एमबीए कोर्स वर्किंग प्रोफेशनल के लिए डिजाइन किया गया कोर्स है, जिसमें प्रवेश के लिए उम्मीदवारों के पास 3 से 15 साल का वर्क एक्सपीरियंस होना अनिवार्य है। इसके अलावा, एमबीए एक फुल-टाइम कोर्स होता है, जबकि एग्जीक्यूटिव एमबीए एक पार्ट-टाइम कोर्स होता है। इसकी कक्षाएं शाम के समय या वीकेंड (शनिवार-रविवार) पर ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाती हैं।

एग्जीक्यूटिव एमबीए किन के लिए डिजाइन किया गया है?

यह उन वर्किंग प्रोफेशनल के लिए डिजाइन किया गया कोर्स है, जो करियर में अच्छी ग्रोथ और नई ऊंचाइयां छूना चाहते हैं। बिजनेस के नए पहलुओं को सीखना चाहते हैं और प्रैक्टिकल जीवन में इन्हें अप्लाई कर अपनी कंपनी में काम के धुरंधर बनना चाहते हैं। करियर में नई छलांग के लिए या करियर स्विच करने के उद्देश्य भी आज के समय में अधिकांश लोग एग्जीक्यूटिव एमबीए की तरफ अपना रुख कर रहे हैं। मुख्य तौर पर यह उन कामकाजी लोगों के लिए है, जो किसी कारण एमबीए करने के अपने सपने को पूरा नहीं कर पाएं है। अब नौकरी के साथ इसे पूरा कर सकते हैं और आधुनिक दुनिया की नई तरकीबों को सीख सकते हैं।

क्या एग्जीक्यूटिव एमबीए में प्लेसमेंट मिलती है?

अब आते हैं सबसे महत्वपूर्ण सवाल की ओर - 'क्या एग्जीक्यूटिव एमबीए कोर्स में प्लेसमेंट मिलती है?' इसका जवाब है यह कोर्स की अवधि और टाइप पर निर्भर करता है। लेकिन अधिकांश संस्थानों में एग्जीक्यूटिव कोर्स में प्लेसमेंट की सुविधा नहीं दी जाती है, उसके पीछे की वजह है कि यह एक पार्ट टाइम कोर्स है। साथ ही यह पहले से वर्किंग प्रोफेशनल के लिए बनाया गया है। इसका अर्थ है कि आपके पास पहले से नौकरी है और उसके साथ आप पढ़ाई कर रहे हैं, इसलिए आप प्लेसमेंट के पात्र नहीं है।

हालांकि कई संस्थान ऐसे भी हैं, जहां इस कोर्स में प्लेसमेंट की सुविधा होती है, क्योंकि वह एक साल का फुल टाइम एग्जीक्यूटिव एमबीए प्रोग्राम ऑफर करते हैं और प्लेसमेंट की जानकारी उनके प्रोसपेक्टस में शामिल होती है। इसलिए कोर्स के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवार, इसके बारे में विस्तार से पढ़ें और चेक करें कि कोर्स फुल टाइम है या पार्ट टाइम और इसमें प्लेसमेंट की सुविधा है कि नहीं। यही कोर्स फुल टाइम है तो कोर्स की क्लास भी रेगुलर होगी, जबकि पार्ट टाइम कोर्स की क्लास वीकेंड पर होती है। इसका अर्थ यह भी है कि फुल टाइम कोर्स में नौकरी करने की इजाजत नहीं होती है, जबकि पार्ट टाइम कोर्स में आप नौकरी कर सकते हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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