एजुकेशन

NEET 2027 होगा बिल्कुल अलग? 4 बार परीक्षा से लेकर CBT मोड तक मंथन, नीलेकणी कमेटी के सुझावों छात्रों की नजर

NEET Exam New Pattern: इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अगुवाई वाली उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स नीट एग्जाम में बड़े बदलाव कर रही है। इसमें आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, पारदर्शी प्रक्रिया और एग्जामिनेशन मैनेजमेंट को मजबूत बनाने जैसे पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

Image

NEET Exam New Pattern: नीट एग्जाम को लेकर नंदन नीलेकणि कमेटी के सुझाव जल्द

NEET Exam New Pattern: परीक्षा में मेहनत करने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा डर इस बात का रहता है कि कहीं पेपर लीक होने से उनका पूरा साल बर्बाद न हो जाए। नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में पेपर लीक का मुद्दा अब न केवल छात्रों व अभिभावकों के लिए है बल्कि सरकार भी इस पर लगाम लगाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अगुवाई वाली उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव कर रही है। इसमें आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, पारदर्शी प्रक्रिया और एग्जामिनेशन मैनेजमेंट को मजबूत बनाने जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। टीम का मकसद ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो और छात्रों को पूरी प्रक्रिया पर भरोसा रहे।

पीटीआई से बातचीत में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, नंदन नीलेकणी की अगुवाई वाला टास्क फोर्स राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य परीक्षाओं को पहले से ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है, ताकि छात्रों को परीक्षा प्रक्रिया पर विश्वास रहे। ऐसे में यहां आप जान सकते हैं कि नीलेकणि कमेटी किन बदलावों पर चर्चा कर रही है?

कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा

पेपर लीक और क्वेश्चन पेपर चोरी को रोकने के लिए ऑनलाइन परीक्षा सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। इस पर नीलेकणी कमेटी तेजी से कार्य कर रही है। नीट एग्जाम को सीबीटी मोड में आयोजित करने के लिए देशभर में सुरक्षित और बड़े एग्जाम सेंटर्स का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

नीट परीक्षा साल में 4 बार आयोजित की जाए

सुधार कमेटी को छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की ओर से कई सुझाव मिले हैं। इनमें से एक प्रस्ताव नीट परीक्षा साल में एक से ज्यादा बार आयोजित करने का है। कुछ छात्रों व अभिभावकों का कहना है NEET की परीक्षा साल में 4 बार होनी चाहिए। इससे छात्रों को अपनी तैयारी के अनुसार दोबारा परीक्षा देने का मौका मिल सकता है। इससे किसी एक परीक्षा में खराब प्रदर्शन होने पर उन्हें अगले साल तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

राधाकृष्णन कमेटी ने दिए थे 101 सुझाव

नीट पेपर लीक विवाद के बाद गठित 7 सदस्यीय राधाकृष्णन कमेटी ने एनटीए की कार्यप्रणाली में कुछ बड़े बदलाव करने की सिफारिश की थी। कमेटी का मानना था कि परीक्षा से जुड़ी अलग-अलग प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित बनाने की जरूरत है। इसके लिए कुल 101 सुझाव दिए गए थे। यहां आप कुछ महत्वपूर्ण प्वाइंट्स पर नजर डाल सकते हैं।

राधाकृष्णन कमेटी की प्रमुख सिफारिशें

  • प्रश्नपत्र की सुरक्षा: प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जाए।
  • रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सुधार: उम्मीदवारों के आवेदन और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जाए।
  • फीस भुगतान और एडमिट कार्ड: आवेदन शुल्क जमा करने से लेकर प्रवेश पत्र जारी करने तक की प्रक्रिया को बेहतर किया जाए।
  • CBT परीक्षा की सुरक्षा: ऑनलाइन परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा मजबूत करने की सिफारिश की गई थी।

टास्क फोर्स में कौन कौन शामिल

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नंदन नीलेकणी के टास्क फोर्स में इसरो के पूर्व प्रमुख एस. सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। कमेटी जल्द ही NEET एग्जाम का पूरा पैटर्न जारी कर सकता है।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

और पढ़ें
End of Article