क्राइम

हत्या के वक्त प्रेग्नेंट थी श्रद्धा, तो इसलिए आफताब ने कर दी थी हत्या? हर घंटे हो रहे हैं सनसनीखेज खुलासे

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 18, 2022, 09:01 AM IST

श्रद्धा वॉकर हत्याकांड (shraddha murder case) में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। पुलिस के मुताबिक जांच में पाया है कि हत्या के वक्त श्रद्धा प्रेग्नेंट थी। लेकिन यह आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई। इस मामले की जांच गहराई से की जा रही है, क्योंकि हत्यारे आफताब अमीन पूनावाला (Aftab poonawalla) के शातिर दिमाग में क्या चल रहा था। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

श्रद्धा हत्याकांड (shraddha murder case) में हर घंटे सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। एक तरफ पुलिस हैरान है तो दूसरी तरफ आम लोग दहशत में हैं। जहन में खौफ भरा है कि हमारे आस-पास कोई आफताब तो नहीं है। क्योंकि आफताब अमीन पूनावाला (Aftab poonawalla) जैसे कलयुगी हैवान, बिलकुल आपके-हमारे तरह ही दिखते हैं लेकिन उसके खौफनाक इरादे जानकार, जल्लाद भी दहल जाए। श्रद्धा हत्याकांड में अब एक और नए खुलासे हुए। सवाल उठ रहा है कि क्या श्रद्धा हत्या के वक्त मां बनने वाली थी। पुलिस ने अपनी जांच में पाया है कि हत्या के वक्त श्रद्धा प्रेग्नेंट थी। हालांकि लाश के टुकड़े बरामद नहीं होने के कारण अभी तक इस बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई।

मामले की जांच गहराई से की जा रही है, क्योंकि इस हत्यारे के शातिर दिमाग में क्या चल रहा था। इस बात का अंदाजा लगाना असंभव है। आफताब ने 8 साल पहले हाथ पर एक टैटू बनवाया था। इस टैटू में दो शब्द छिपे हैं...फैथ...और हॉप। यानी विश्वास और उम्मीद लेकिन अब ये टैटू एक पहेली बन गया है कि आखिर इसका मतलब क्या है और इसके श्रद्धा हत्याकांड (Shraddha murder case) से कोई कनेक्शन हैं ? आखिर इस तरह का टैटू आफताब ने क्यों बनवाया और क्या आफताब ने पहले भी किसी वारदात को अंजाम दिया है। सवाल कई सारे हैं...इंतजार है ढेर सारे सबूत पुलिस के हाथ लगने का।

वहीं सूत्रों के हवाले से खबर ये भी है कि श्रद्धा के कपड़े जिस गाड़ी में फेंके गए थे उसकी पहचान की पुलिस ने कर ली है। पुलिस ने दो ऐसे स्पॉट की पहचान की है जहा आरोपी कूड़ेदान का कचरा फेंकता था। आफताब को लेकर एक के बाद कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। आफताब की 20 से ज्यादा गर्लफ्रेंड थीं। डेटिंग एप के जरिए महिलाओं से संपर्क करता था। दिल्ली से महाराष्ट्र तक 20 से ज्यादा लड़कियों से उसके संपर्क थे। लड़कियों से संपर्क के लिए अलग-अलग सिम का वो इस्तेमाल करता था।

रोज नए खुलासों से श्रद्धा मर्डर मिस्ट्री दिन ब दिन और भी गहराती जा रही है। जल्लाद आफताब किस कदर दिल्ली पुलिस को गुमराह करने की साजिश रच रहा है। इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि अब तक दिल्ली पुलिस श्रद्धा का कटा सिर बरामद नहीं कर पाई। लेकिन अब जो खुलासा हुआ है। उसने पुलिस के होश फाख्ता कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक आरोपी आफताब ने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े करने के बाद उसकी पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को जला दिया था।

ताकि श्रद्धा की पहचान न हो सके और आरोपी आफताब (Aftab poonawalla) पुलिस की चंगुल से बच जाए लेकिन उसके मंसूबे पर पानी फिर गया और पूरे मामले का खुलासा हो गया और आरोपी आफताब पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस पूछताछ में आफताब की दरिंदगी और हैवानियत की इंतहा भी एक एक कर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने जिस कमरे में श्रद्धा की डेड बॉडी के टुकड़े फ्रिज में रखे थे, वह उसी कमरे में लगातार 18 दिन सोता रहा। इतना ही नहीं वो रोज फ्रिज खोलकर श्रद्धा के कटे हुए सिर को भी देखता था।

जल्लाद आफताब के शातिर दिमाग पर तमाम मीडिया रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। जिनमें सनसनीखेज खुलासे बेहद चौंकाने वाले हैं। दिल्ली के छतरपुर पहाड़ी इलाके की इस बिल्डिंग में ज्यादातर लोग रेंट पर रहते हैं। राजधानी दिल्ली में महीने भर में 20 हजार लीटर तक पानी का बिल दिल्ली सरकार की तरफ से फ्री है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आफताब के पड़ोसियों ने पुलिस को बताया है कि सभी फ्लोर का पानी का बिल जीरो आता है, लेकिन मकान मालिक से पता लगा कि आफताब के फ्लैट का 300 रुपए का पानी का बिल बकाया है।

दरअसल सूत्रों की माने तो हत्या के बाद खून को साफ करने और डेडबॉडी क सॉफ्ट करने के लिए आफताब ज्यादा पानी का इस्तेमाल करता था ताकि आसानी से शव के टुकड़े किए जा सकें और खून के निशान को धोया जा सके। बताया जा रहा है कि इसी वजह से आफताब के फ्लैट का पानी का बिल आया। पुलिस को पड़ोसियों ने ये भी जानकारी दी कि वो बार-बार पानी की टंकी देखने ऊपर जाता था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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