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मुंबई हादसा: क्या ड्राइवर ने बस को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया? जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने कहा कि इस बात की जांच होगी कि क्या बस जान-बूझकर लापरवाही से चलाई गई थी। पुलिस ने यह भी कहा कि वे जांच करेंगे कि क्या मोरे ने उचित प्रशिक्षण लिया था।

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मुंबई बेस्ट बस हादसा

Photo : PTI

Mumbai Bus crash: क्या मुंबई में हुए घातक दुर्घटना को बस के ड्राइवर संजय मोरे ने जानबूझकर अंजाम दिया था? क्या उसने बस को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था? कोर्ट के सामने ये तथ्य रखते हुए पुलिस इसी दिशा में जांच में जुटी है। अदालत ने 54 वर्षीय ड्राइवर मोरे को 21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। घटना सोमवार रात करीब 9.30 बजे कुर्ला में हुई। नगर निगम द्वारा संचालित बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) द्वारा संचालित बस को चला रहे मोरे ने घनी आबादी वाले इलाके में कई वाहनों और पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी जिसमें सात लोगों की मौत हो गई।

ड्राइवर मोरे का इरादा क्या था?

मोरे को मौके पर ही हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने तर्क दिया कि अपराध गंभीर प्रकृति का था, इसलिए मोरे के इरादों की गहन जांच की आवश्यकता है।

क्या बस लापरवाही से चलाई गई?

पुलिस ने कहा कि इस बात की जांच होगी कि क्या बस जान-बूझकर लापरवाही से चलाई गई थी। पुलिस ने यह भी कहा कि वे जांच करेंगे कि क्या मोरे ने उचित प्रशिक्षण लिया था, क्या वह उस समय नशीले पदार्थों के प्रभाव में था और क्या घटना के पीछे कोई और साजिश थी। पुलिस ने कहा कि परिवहन विभाग ने अभी तक दुर्घटना में शामिल बस की तकनीकी जांच नहीं की है। पुलिस का सवाल है कि क्या मोरे ने बस को कब्जे में लेकर इसे भीड़भाड़ वाले शहरी इलाके में हथियार बनाया था।

हालांकि, मोरे के बचाव पक्ष के वकील समाधान सुलाने ने पुलिस की याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि दुर्घटना बस में तकनीकी खराबी, जैसे यांत्रिक विफलता या शॉर्ट सर्किट के कारण हो सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि ड्राइवरों को सौंपने से पहले यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि बस सड़क पर चलने लायक हों। सुलेन ने यह भी दावा किया कि मोरे को उचित रूप से प्रशिक्षित किया गया था और उसका ट्रैक रिकॉर्ड साफ था, वह नियमित रूप से बस चलाता था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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