क्राइम

Shraddha Murder Case: तिहाड़ जेल में भी थाने की तरह चैन से सोया आफताब, जेल में भी झाड़ रहा है अंग्रेजी

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Nov 28, 2022, 08:06 AM IST

Aftab Amin Poonawala: श्रद्धा वालकर हत्या मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला थाने की तरह तिहाड़ जेल में भी चैन की नींद सो रहा है। आफताब ने श्रद्धी की कथित तौर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने शव के 35 टुकड़े करके उन्हें अपने घर में 300 लीटर के फ्रिज में रखे रखा और फिर एक-एक करके वे टुकड़े फेंकता रहा।

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पुलिस हिरासत में आरोपी आफताब

Photo : IANS
KEY HIGHLIGHTS
  1. तिहाड़ जेल में बंद आफताब के चेहरे पर नहीं है कोई शिकन, चैन की ले रहा है नींद
  2. सीसीटीवी से रखी जा रही है नजर, खाना देने से पहले भी की जांच की जा रही है, ताकि वह कोई गड़बड़ न करे
  3. आफताब की हर हरकत पर रखी जा रही है पैनी नजर

Shraddha Murder Case: श्रद्धा वॉकर की हत्या के आरोपी आफताब (Aftab Amin Poonawala) को तिहाड़ की जेल (Tihar Jail) नंबर-4 में रखा गया है। उसकी सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सभी एहतियाती इंतजाम किए हुए हैं। जेल संख्या-4 में रखा गया है।उसे जेल में अन्य कैदियों से अलग रखा गया है। इसकी निगरानी के लिए 24 घंटे तीन जेल कर्मी का एक स्टाफ हर समय सेल में मौजूद है। हालांकि सभी जेलों व बैरक में CCTV लगा हुआ है। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जेलकर्मी सीसीटीवी के अलावा भी गश्त कर रहा है। जिससे आफताब पूनावाला की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा का आलम यह है कि आफताब को खाना देने से पहले भी उसकी जांच की रही है, ताकि आफताब तिहाड़ जेल में कोई गड़बड़ न कर सके।

सोया चैन की नींद

आफताब ने तिहाड़ जेल के मैनुअल के हिसाब से मिलने वाला सादा खाना खाया। उसने पूरी रात कंबल ओढ़कर इत्मीनान से नींद ली। सुबह नश्ते के समय जेलर उसे जेल परिसर में लेकर गया। नश्ता लेने के बाद उसे वापस उसके सेल में छोड दिया गया। उसके खाने-पीने के इंतजाम को लेकर पूछने पर तिहाड़ प्रशासन ने बोला कि मैनुवल के मुताबिक सुबह नाश्ता, दोपहर में खाना (लंच) और फिर रात में खाना (डिनर) देने का प्रावधान है। इसके अलावा अगर वह खाना को लेकर किसी तरह की दिक्कत है तो इसके लिए वह शिकायत कर सकता है। उसके सेहत के हिसाब से उसे खाना दिया जाएगा। आफताब के लिए भी जेल मैनुअल के मुताबिक ही अन्य कैदियों की तरह खाने-पीने की सुविधा मुहैया कराई गई है।

चेहरे पर नहीं है कोई सिकन

चूंकि जेल में लाने के बाद सुरक्षा को लेकर उसपर पूरी पैनी नजर रखी जा रही है। इसलिए सीसीटीवी के अलावा एक सुरक्षाकर्मी भी लगाया गया है। इस दौरान उसके चेहरे पर किसी भी तरह का कोई तनाव नहीं दिखा। और न ही उसे देखकर लगा कि उसे किसी भी तरह का पछतावा है। जेल आने के बाद वह चुपचाप था। आफताब को जब जेल नंबर 4 के उसके सेल में लाया गया तो उस वक्त भी वह सामान्य था। कुछ पूछने पर वह सिर्फ अंग्रेजी में ही बात कर रहा था। हालांकि, बाद में जेल वार्डन ने आफताब को बाकी कैदियों से अलग रहने को कहा तो वह एकदम से चुप हो गया। बीती देर शाम उसे अन्य कैदियों से बचाते हुए जेल में लाया गया। उसे शनिवार शाम करीब छह बजे तिहाड़ जेल लाया गया था।

किशोर जोशी
किशोर जोशीauthor

राजनीति में विशेष दिलचस्पी रखने वाले किशोर जोशी को और खेल के साथ-साथ संगीत से भी विशेष लगाव है। यह टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल में नेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं। किशोर के पास डिजिटल मीडिया का 10 सालों का अनुभव है।

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