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Nagpur Sucide Case: खत्म हो गया परिवार, एक धोखाधड़ी ने ली परिवार के 4 लोगों की जान; मां-बाप और बेटों ने की आत्महत्या

Nagpur Sucide Case: महाराष्ट्र के नागपुर में एक ही परिवार के चार लोग घर में मृत पाए गए। एक धोखाधड़ी के मामले में बेटे की गिरफ्तारी से तनाव में आए परिवार के मां-बाप और दो बेटों ने आत्महत्या कर ली।

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Nagpur Sucide Case: खत्म हो गया परिवार, एक धोखाधड़ी ने ली परिवार के 4 लोगों की जान; मां-बाप और बेटों ने की आत्महत्या

Nagpur Sucide Case: नागपुर जिले में बुधवार सुबह एक दंपति और उनके दो बेटे अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस को यह आत्महत्या का मामला होने का संदेह है। नागपुर ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घर में मिले कथित ‘सुसाइड नोट’ से पता चला है कि धोखाधड़ी के एक मामले में बेटे की गिरफ्तारी के कारण परिवार तनाव में था। कुछ पड़ोसियों ने मोवाड गांव निवासी परिवार के घर में सन्नाटा पसरा देखा और पुलिस को सूचित किया। अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा तो परिवार के चार सदस्य छत पर फंदे से लटके हुए पाए गए।

सुसाइड नोट में लिखी पूरी दास्तां

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान सेवानिवृत्त शिक्षक विजय मधुकर पचोरी (68), उनकी पत्नी माला (55) और उनके बेटों गणेश (38) तथा दीपक (36) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वहां बरामद एक कथित ‘सुसाइड नोट’ से पता चलता है कि इस वर्ष की शुरूआत में मध्य प्रदेश के पंढुरना पुलिस थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में गणेश की गिरफ्तारी के कारण परिवार बहुत अधिक तनाव में था। अधिकारियों ने बताया कि ‘सुसाइड नोट’ में परिवार के चारों लोगों के हस्ताक्षर थे। उन्होंने बताया कि नरखेड़ पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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