उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान में राज्यसभा में भाजपा सांसद डॉ दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने उनकी नियुक्ति को लेकर आधिकारिक बयान जारी कर दिया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ने डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति उस तारीख से प्रभावी होगी, जिस दिन वह अपने पद का कार्यभार संभालेंगे।
कौन हैं दिनेश शर्मा?
सौम्य और बेदाग छवि वाले डॉ. दिनेश शर्मा का जन्म 12 जनवरी 1964 को लखनऊ में हुआ था। उनके पिता केदारनाथ शर्मा जनसंघ से जुड़े रहे थे।शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. दिनेश शर्मा की विशेष रुचि रही है। उन्होंने हावर्ड यूनिवर्सिटी से बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई की तथा मनोविज्ञान एवं मानव विकास के क्षेत्र में पीएचडी की। उन्हें हावर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त हुई।डॉ. दिनेश शर्मा ने वर्ष 1988 में लखनऊ विश्वविद्यालय में अस्थायी तौर पर पढ़ाना शुरू किया था। हालांकि, 1992 में वाणिज्य विभाग में स्थायी रूप से प्रोफेसर के तौर पर लग गए थे।
सीएम योगी के पहले कार्यकाल में यूपी के डिप्टी सीएम थे शर्मा
62 वर्षीय दिनेश शर्मा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह उत्तर प्रदेश में उपमुख्यमंत्री के पद पर रह चुके हैं। वे दो बार यूपी की राजधानी लखनऊ के मेयर भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह राज्यसभा के सदस्य हैं और उच्च सदन में उपसभापति (Vice Chairperson) की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
उनका राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला था। ऐसे में उपराज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति के साथ उनके राजनीतिक करियर की भूमिका में बड़ा बदलाव आया है।
अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल की भूमिका
अंडमान और निकोबार केंद्र शासित प्रदेश है,जहां उपराज्यपाल प्रशासन का प्रमुख संवैधानिक पद होता है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस द्वीप समूह की स्थिति हिंद महासागर में भारत की समुद्री सुरक्षा और सामरिक हितों के लिहाज से अहम है। दिनेश शर्मा ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभालेंगे,जब अंडमान-निकोबार में बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन, कनेक्टिविटी और रणनीतिक महत्व से जुड़े प्रोजेक्ट लगातार प्राथमिकता में हैं।
