क्राइम

Baghpat: बुर्के वाली का गजब कारनामा, पलक झपकते गायब कर ले गई बच्ची; Video देख पैरों तले से खिसक जाएगी जमीन

यूपी के बागपत में एक बुर्के वाली महिला एक किशोरी के हाथ से 7 माह की बच्ची छीनकर ले गई। ये घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस महिला की तलाश कर रही है।

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बच्ची की किडनैपिंग

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

बागपत:बड़ौत शहर कोतवाली क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखकर आप भी दंग रह जाएंगे। बड़ौत के बावली गांव में एक बुर्का पहने हुए महिला सीसीटीवी में कैद हुई है, जो एक दस वर्ष की लड़की से उसकी सात माह की बहन को छीनकर ले गई। जैसे ही इस बात की भनक परिजनों को लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित परिजनों से तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस मौके से प्राप्त सीसीटीवी के आधार पर जांच पड़ताल कर रही है ।

मायरा से महिला छीन ले गई मायसा

बताया जा रहा है कि बावली गांव के रहने वाले इसरार की दोनों बेटियां घर से कुछ ही दूरी पर खेल रही थीं। तभी थोड़ी दूर मस्जिद के पास वहां उसकी दस साल की बेटी मायरा से बुर्का पहने हुए आई एक अज्ञात महिला उससे उसी छोटी बहन मायसा को छीनकर ले गई। यह जानकारी इसरार को जब उसकी बेटी मायरा ने दी तो इनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत आसपास बुर्का पहने महिला की काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। लिहाजा, आनन फानन में परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी ।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने गली के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक बुर्का पहने हुए महिला बच्ची को छीनकर ले जाते हुए नज़र आई, जिसके बाद कोतवाली बड़ौत पुलिस ने उस बुर्के वाली महिला की तलाश शुरू की । फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर बच्ची की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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