हरी मिर्च भारतीय भोजन की जान है। हरी मिर्च न हो तो कई लोगों को भोजन में स्वाद ही नहीं आता। भारत ही नहीं, हरी मिर्च दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मसालों में से एक है। इसका इस्तेमाल लगभग हर तरह के भोजन में किया जाता है। भारतीय भोजन और चटनियों के लिए अति आवश्यक इस मसाले की खेती वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरी मिर्च का उत्पादन सबसे ज्यादा किस देश में होता है। कौन सा देश है जिसने हरी मिर्च के उत्पादन में अलग ही स्थान बनाया हुआ है? चलिए जानते हैं -
कहां होती है सबसे ज्यादा हरी मिर्च?
हरी मिर्च उत्पादन के मामले में भारत ने अपनी अलग पहचान बनाई है। हमारे देश में हरी मिर्च का सेवन भी बड़ी मात्रा में होता है। हो भी क्यों नहीं, भारत वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा हरी मिर्च उत्पादक देश जो है। अपनी विशाल कृषि व्यवस्था और अनुकूल जलवायु के कारण भारत ने अपना यह स्थान हासिल किया है।
किन राज्यों में होती है हरी मिर्च की खेती?
वैसे तो हरी मिर्च का उत्पादन भारत के हर राज्य, बल्कि हर गांव और लगभग हर किसान घर में होता है। यहां तक कि शहरों में लोग अपने किचन गार्डन में तक हरी मिर्च उगाते हैं। फिर भी अगर राज्यों की बात की जाए तो हरी मिर्च की खेती कई राज्यों में होती है, जहां की जलवायु और मिट्टी इसकी फसल के लिए बहुत ही उपयुक्त मानी जाती है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे नाम प्रमुखता से लिए जा सकते हैं। इन राज्यों में किसानों ने सालों से पारंपरिक खेती के साथ ही आधुनिक तकनीकों के जरिए उत्पादन में निरंतर वृद्धि हासिल की है।
क्या हरी मिर्च का उत्पादन साल भर होता है?
इस प्रश्न का जवाब हां और नहीं दोनों है। नहीं, इसलिए क्योंकि एक ही जगह पर साल भर उत्पादन नहीं होता। हां, इसलिए क्योंकि देश के किसी न किसी हिस्से में हर समय मिर्च की खेती होती रहती है। हरी मिर्च के उत्पादन के लिए गर्म तापमान, मध्यम स्तर की बारिश और अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है। हमारे देश के लगभग सभी राज्यों में मिर्च के उत्पादन के लिए अच्छी जलवायु मौजूद है, जिसके कारण साल भर मिर्च की खेती संभव होती है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर बुवाई और कटाई होने के चलते देश में साल भर हरी मिर्च के उत्पादन का सिलसिला जारी रहता है।
जैसा कि हमने ऊपर बात की, हमारे देश में लगभग हर प्रकार के भोजन में हरी मिर्च का इस्तेमाल होता है। इसलिए देश में लगभग हर समय हरी मिर्च की मांग बनी रहती है। खासतौर पर भारतीय व्यंजनों में हरी मिर्च एक अनिवार्य सामग्री है। यही कारण है कि देश भर में किसान बड़े पैमाने पर हरी मिर्च की खेती करते हैं और बाजार में भी साल भर इसकी आपूर्ति बनी रहती है।
भारत में उगाई जाने वाली मिर्च के प्रकार
| भुत जोलोकिया (Ghost Pepper) | यह दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक है और असम में इसका उत्पादन होता है। |
| गुंटूर मिर्च | आंध्र प्रदेश की यह मशहूर मिर्च अपने तीखेपन और रंग के लिए प्रसिद्ध है। |
| कश्मीरी मिर्च | यह मिर्च कम तीखी होती है, लेकिन गहरे लाल रंग के लिए जानी जाती है, जो खाने को अलग ही रंगत देती है। |
| ब्याडगी मिर्च | यह कर्नाटक की किस्म है, जो रंग और खुशबू के लिए जानी जाती है। |
| रामनाथपुरम मिर्च | यह कम तीखी मिर्च तमिलनाडु में उगाई जाती है। |
| ज्वाला मिर्च | अपने नाम की तरह ही यह काफी तीखी और पतली मिर्च गुजरात और राजस्थान में काफी लोकप्रिय है। |
| कंठारी मिर्च (Bird’s Eye Chilli) | यह बहुत ही तीखी मिर्च केरल और पूर्वोत्तर में उगाई जाती है। |
| धानी मिर्च | ओडिशा और असम क्षेत्र में यह मिर्च प्रचलित है, यह छोटी और तेज स्वाद वाली होती है। |
| मधुबनी मिर्च | यह मिर्च बिहार क्षेत्र की स्थानीय किस्म है। |
| सांबर मिर्च | यह मिर्च विशेष रूप से दक्षिण भारत के सांभर और अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल होती है, जो उन्हें रंग और स्वाद देती है। |
| लाल सूखी मिर्च (सामान्य किस्में) | देशभर में अलग-अलग प्रकार से उगाई जाती हैं, जिनका क्षेत्र के अनुसार रंग और तीखापन भी अलग-अलग होता है। |
क्या भारत मिर्च का निर्यात भी करता है?
जी हां, भारत से बड़े पैमाने पर मिर्च का निर्यात किया जाता है। इस मामले में भारत की स्थिति काफी मजबूत है। भारतीय हरी मिर्च और उससे बने उत्पादों की एशियाई बाजारों के साथ ही यूरोप और उत्तरी अमेरिका के देशों में भी बड़ी मांग है और भारत से वहां भेजी भी जाती है। भारतीय मिर्च का पाउडर, सॉस और प्रोसेस्ड उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग रहती है, जिससे देश को विदेशी मुद्रा मिलती है।
सरकारी योजनाएं, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और बेहतर बीजों के इस्तेमाल से भारत के हर क्षेत्र में हरी मिर्च का उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है। इस तरह, हरी मिर्च के उत्पादन में भारत का दबदबा कायम है और आने वाले समय में भी इसके बने रहने की संभावना है।
