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Faridabad: 10 घंटे तक चला रेस्क्यू, फिर जिदंगी से जंग हार गई 3 साल की बच्ची, खेलते समय बोरवेल में गिरी थी

Faridabad News: फरीदाबाद के सेक्टर-8 में बोरवेल में गिरी तीन वर्षीय बच्ची को करीब 10 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह 4 बजे बाहर निकाला गया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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फरीदाबाद में बोरवेल में गिरी 3 साल की मासूम की मौत

Photo : Times Now Digital

Faridabad Borewell Accident: फरीदाबाद के सेक्टर-8 से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां करीब 250 से 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरी तीन साल की बच्ची नेहा आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। करीब 10 घंटे तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह करीब 4 बजे उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बोरवेल से बाहर निकालते समय बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

खेलते समय हुआ हादसा

रविवार शाम को 3 साल की नेहा अन्य बच्चों के साथ बोरवेल के पास खेल रही थी। खेलते-खेलते अचानक वह खुले बोरवेल में जा गिरी। बच्ची के गिरते ही वहां मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग और उसके पिता रामदीन मौके पर पहुंचे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का रहने वाला रामदीन परिवार के साथ कई साल से सीही गांव में रहकर मजदूरी करता है।

10 घंटे चला चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन

बच्ची के बोरवेल में गिरने की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। हरियाणा पुलिस, एसडीआरएफ, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम रात करीब 9 बजे ृमौके पर पहुंची और बचाव कार्य का मोर्चा संभाला।

बोरवेल में नहीं चल पाए उपकरण

बोरवेल कई साल से बंद था और लगभग 125 फीट की गहराई पर गंदा पानी भरा हुआ था। बच्ची का सिर नीचे की तरफ था और वह करीब 200 फीट से ज्यादा गहराई पर अटकी हुई थी। शुरुआत में बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी, लेकिन बाद में आवाज आनी बंद हो गई। जब प्रशासनिक उपकरण बोरवेल में काम नहीं आए, तो एक स्थानीय कार पेंटर की मदद से मौके पर ही विशेष उपकरण तैयार किया गया। तमाम कठिनाइयों को पार करते हुए टीम ने सोमवार तड़के बच्ची को बाहर निकाल लिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।

15 साल पहले ढक्कन लगाकर बंद किया गया था बोरवेल

नेहा के पिता रामदीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले हैं और कई सालों से सीही गांव में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करते हैं। हादसे के समय वह काम से लौट रहे थे। नगर निगम के XEN संजीव कुमार ने बताया कि करीब 15 साल पहले बोरवेल को ढक्कन लगाकर बंद किया गया था। ढक्कन हटने की जानकारी निगम को नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जिस किसी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बच्ची की मौत के बाद लोगों में नाराजगी

हादसे के बाद सेक्टर-8 के लोगों में नगर निगम के खिलाफ नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बोरवेल को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से बंद किया गया होता तो यह हादसा टल सकता था। लोगों ने क्षेत्र में खुले और लंबे समय से बंद पड़े बोरवेल की दोबारा जांच कराने की मांग की है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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