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असम में हिरासत में लिए गए CJP नेता आशुतोष रांका रिहा, सीएम हिमंता पर साधा निशाना, कहा- डरते हैं मुख्यमंत्री

विपक्षी दलों और सीजेपी नेताओं का आरोप था कि पुलिस ने कार्रवाई से पहले कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया और न ही यह बताया कि उन्हें किन धाराओं के तहत हिरासत में लिया जा रहा है।

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CJP नेता आशुतोष रांका हिरासत से रिहा (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Ashutosh Ranka: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) और पार्टी के 40 से अधिक कार्यकर्ताओं व वालंटियर्स को रविवार को असम पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के कुछ ही घंटों बाद रिहा कर दिया गया। अपनी रिहाई के बाद आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि असम पुलिस द्वारा उनकी "अवैध हिरासत" अब समाप्त हो गई है।

पूरा मामला क्या है?

रविवार (27 सितंबर) को गुवाहाटी के दिसपुर स्थित असम सचिवालय के पास 'चौधरी टीला' क्षेत्र में सीजेपी (CJP) की क्षेत्रीय वालंटियर बैठक प्रस्तावित थी। बैठक शुरू होने से ठीक पहले असम पुलिस ने एक निजी आवास में मौजूद आशुतोष रांका, अंकित भारद्वाज, प्रेम आकाश और अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। विपक्षी दलों और सीजेपी नेताओं का आरोप था कि पुलिस ने कार्रवाई से पहले कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया और न ही यह बताया कि उन्हें किन धाराओं के तहत हिरासत में लिया जा रहा है।

रांका बोले- सच्चाई से डरते हैं मुख्यमंत्री

पुलिस वैन में ले जाए जाने के दौरान आशुतोष रांका ने बयान जारी करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री डरते हैं कि अगर हम राज्य के स्कूलों की वास्तविक स्थिति देश के सामने लाएंगे, तो सच्चाई उजागर हो जाएगी। वे नहीं चाहते कि लोग काजीरंगा में कॉर्पोरेट के लिए लोगों के अधिकार छीने जाने की सच्चाई जानें।

पार्टी की भूख हड़ताल और चेतावनी

हिरासत में लिए जाने के बाद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने थाने के भीतर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी थी। वहीं सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने भी चेतावनी दी थी कि अगर उनके नेताओं को रिहा नहीं किया गया तो वे खुद अन्य सदस्यों के साथ असम पहुंचकर गिरफ्तारी देंगे।

सियासी घमासान और विरोध

असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार युवाओं और उठने वाली आवाजों से इतनी डरी हुई क्यों है? वहीं, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वे राज्य के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए किसी भी सुझाव का स्वागत करते हैं, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से क्यों न आया हो।

प्रेस वार्ता कर विस्तार से जानकारी देंगे रांका

रिहा होने के बाद आशुतोष रांका ने कहा कि उन्होंने पुलिस से मांग की है कि उन्हें उसी स्थान (चौधरी टीला) पर वापस छोड़ा जाए, जहां से उन्हें बिना किसी कारण उठाया गया था। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई पर प्रेस वार्ता कर विस्तार से जानकारी देंगे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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