Gujarat News: गुजरात के राजकोट शहर से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने बच्चों की सोशल मीडिया सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। भक्ति नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को दोस्ती के जाल में फंसाकर करीब 8 दरिंदों ने पिछले दो महीने के दौरान अलग-अलग होटलों, घरों और चलती कार में अपनी हवस का शिकार बनाया। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ा रुख अख्तियार करने वाली धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
दोस्त ने ही कराया था दरिंदों से परिचय
पुलिस जांच में इस घिनौनी साजिश की जो परतें खुली हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता को करीब तीन महीने पहले उसकी एक नाबालिग सहेली ने बिना सिम कार्ड का एक मोबाइल फोन दिया था। इसके बाद उस सहेली के एक अन्य दोस्त ने लड़की को सिम कार्ड लाकर दिया। इसी सहेली ने नाबालिग लड़की का परिचय इंस्टाग्राम (Instagram) के जरिए मुख्य आरोपी से कराया था। इसके बाद जाल में फंसाया और दो महीने तक वहश का शिकार बनाया
नकली पुलिसवाला बनकर होटल ले गया था आरोपी मिहिर कुगसिया
इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज किरदार मिहिर कुगसिया नाम के आरोपी का सामने आया है। 6 मई को जब पीड़िता अपनी सहेली के साथ घर के पास खड़ी थी, तब मिहिर वहां आया। उसने पीड़िता को डराते हुए खुद को 'पुलिस अधिकारी' बताया। पुलिस का खौफ दिखाकर वह नाबालिग को बस स्टैंड के पीछे स्थित एक होटल में ले गया और वहां उसके साथ ज्यादती की। उसने पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने मुंह खोला तो वह उसे जेल में बंद कर देगा।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
राजकोट पुलिस के अनुसार, मिहिर कुगसिया एक आदतन और शातिर अपराधी है। वह पहले भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कई बार नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों से पैसे वसूलने और ठगी करने के आरोप में असली पुलिस के हाथों गिरफ्तार हो चुका है। उस पर दो बार पासा एक्ट (PASA Act) भी लगाया जा चुका है और मार्च में ही पुलिस कमिश्नर ने उसके खिलाफ दूसरा पासा आदेश जारी किया था, लेकिन जेल से छूटने के बाद उसने फिर से यही रूप अपनाया।
5 आरोपी गिरफ्तार
इस पूरी खौफनाक दास्तान का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता के पिता ने उसके पास अचानक एक मोबाइल फोन देखा। कड़ाई से पूछताछ करने पर लड़की फूट-फूट कर रो पड़ी और पिछले तीन महीनों से खुद पर हो रहे इस जुल्म की पूरी कहानी बयां कर दी। इसके बाद तुरंत भक्ति नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। राजकोट पुलिस के एसीपी वी.बी. जडेजा ने मीडिया को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भक्ति नगर पुलिस के पीआई जयदीपसिंह परमार और उनकी टीमों ने तुरंत छापेमारी शुरू की। इस मामले में कुल 8 आरोपियों (जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं) के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक 5 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शेष 3 फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग विशेष टुकड़ियां (SITs) नजदीकी जिलों और शहरों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
