पटना

बिहार में बारिश से किसानों के चेहरे खिले, अब तक करीब 87 प्रतिशत धान की रोपाई

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 14, 2023, 10:58 AM IST

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में तेजी से धान रोपनी का कार्य चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, रविवार तक राज्य में 31.63 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपनी हो चुकी है।

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Rain in BIhar

Photo : BCCL

Rain in Bihar: बिहार के कई इलाकों में पिछले एक सप्ताह में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे और खेतों में धान की रोपाई शुरू हो गई है। बिहार के कई जिलों में रुक-रुककर हुई बारिश से खेतों में पानी दिखाई देने लगा है और किसान खेतों में उतर गए हैं। इसके पहले बारिश न होने से किसान परेशान थेे। कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश से धान की मुरझाती फसल को संजीवनी मिल गई है। जिन इलाकों में अभी तक धान की रोपाई नहीं हो रही थी, वहां भी शुरू हो गई है।

तेजी से धान रोपनी का कार्य

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में तेजी से धान रोपनी का कार्य चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, रविवार तक राज्य में 31.63 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपनी हो चुकी है। लक्ष्य करीब 35 लाख 97 हजार हेक्टेयर रखा गया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार तक रोहतास जिले में 2.03 लाख, पूर्वी चंपारण में 1.78 लाख, पश्चिम चंपारण में 1.24 लाख, अररिया में 1.15 लाख, पूर्णिया में 0.99 लाख, कटिहार में 0.94 लाख व गोपालगंज में 0.89 लाख हेक्टेयर में धान की रोपनी हुई है।

प्रमंडल की बात करें तो पूर्णिया में करीब 100 प्रतिशत धान की रोपनी हो चुकी है जबकि सहरसा में 99, सारण में 97, तिरहुत में 94, पटना में 92, दरभंगा में 88, मुंगेर में 72 प्रतिशत ही धान की भागलपुर प्रमंडल में अभी मात्र 63 फीसदी ही धान की रोपनी हुई है। सरकार पहले ही धान, मक्का, आलू, सोयाबीन के साथ सब्जी फसल में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सहायता देने की घोषणा कर चुकी है। (IANS)

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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