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हिमाचल प्रदेश में बड़ा हादसा: समरहिल में भूस्खलन, 25 से 30 लोगों के दबे होने की आशंका

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 14, 2023, 10:41 AM IST

Landslide in Himachal: शिमला के समरहिल स्थित शिव मंदिर में सोमवार सुबह लोग पूजा करने पहुंचे थे। इसी दौरान भूस्खलन हो गया, जिस कारण उसके नीचे कई लोग दब गए। बताया जा रहा है कि भूस्खलन में 25 से 30 लोग दबे हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

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हिमाचल प्रदेश के सोलन में बादल फटने से भारी तबाही

Photo : ANI

Landslide in Himachal: हिमाचल प्रदेश में बारिश कहर बनकर टूट रही है। यहां शिमला से बड़ी खबर सामने आई है। समरहिल इलाके में भारी भूस्खलन हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यहां स्थित शिव मंदिर के नीचे 25 से 30 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और अग्निशमन की टीम मौके पर मौजूद हैं और लोगों को निकालने का प्रयास किया ज रहा है।

बताया जा रहा है कि समरहिल स्थित शिव मंदिर में सोमवार सुबह लोग पूजा करने पहुंचे थे। इसी दौरान भूस्खलन हो गया, जिसमें कई लोग दब गए। इससे पहले सोलन से बड़ी खबर सामने आई थी। यहां कंडाघाट उपमंडल की ममलीग उप-तहसीन के जादोन गांव में रात करीब डेढ बजे बादल फट गया। इस घटना में दो घर और एक गौशाला बह गई। जानकारी के मुताबिक, इस घटना में सात लोगों की मौत भी हो गई। अभी तक चार शवों को निकाला गया है व अन्य की तलाश जारी है।

लगातार बारिश के कारण कई सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में बीती रात से भारी बारिश हो रही है। चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद है और वैकल्पिक मार्ग भी बंद हैं। जिला की अधिकतर सड़कें बन्द हैं। बिजली पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है। मंडी पंडोह सड़क पर सात मील के पास नाले में भारी बारिश के कारण भारी मात्रा में मलबा आया है जो हाईवे पर खड़ी बड़ी गाड़ियों को नुकसान कर गया है। कई गाड़ियां इससे क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लोगों तक मदद पहुंचाना भी सम्भव नहीं हो पा रहा है।

IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के 13 तेरह जिलों में मध्यम बारिश और राज्य में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। अगले 24 घंटों में बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना, लाहौल, स्पीति, किन्नौर में तेज और मध्यम बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की बल्ह घाटी में रविवार को भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नागरिकों को एक सलाह जारी की है जिसमें उनसे अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

सीएम सुक्खू ने पर्यटकों से की अपील

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहाड़ी स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों को सलाह दी कि वे इस दौरान नदियों के पास न जाएं, क्‍योंकि मौसम विभाग ने यहां भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे बाढ़ आने और राजमार्गों के अवरुद्ध होने की आशंका है। उन्होंने ट्ववीट कर कहा, राज्य के कई हिस्सों में पिछले 48 घंटों से भारी बारिश हो रही है। मैं स्थानीय निवासियों और स्वतंत्रता दिवस पर छुट्टियां मनाने यहां आए पर्यटकों को सलाह देता हूं कि वे नदियों और जल निकायों के पास जाने से परहेज करें। बता दें, राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 24 जून से 12 अगस्त तक बारिश से संबंधित घटनाओं में पूरे हिमाचल में 255 लोगों की जान चली गई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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