नोएडा

NCR में घर लेने का सपना होगा पूरा: YEIDA में प्लॉट लेने के लिए आज से आवेदन शुरू, जानें कहां और कैसे करें अप्लाई

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 8, 2023, 10:38 AM IST

YEIDA Plot Scheme 2023: जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के पास प्लॉट लेने का सुनहरा मौका है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ओर से NCR में कई श्रेणी में 1184 आवासीय भूखंडों की योजना निकाली गई है। इन आवासीय भूखंडों के लिए आवेदन आज यानी मंगलवार से शुरू हो रहे हैं।

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YEIDA Plot Scheme 2023

Photo : BCCL

YEIDA Plot Scheme 2023: दिल्ली-NCR में खुद का घर लेने का सपना हर किसी का होता है। लेकिन बढ़ते दाम और मन मुताबिक घर न मिल पाने के कारण यह सपना अधूरा ही रह जाता है। हालांकि, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) आपके इस सपने का पूरा करने जा रहा है। विकास प्राधिकरण की ओर से NCR में कई श्रेणी में 1184 आवासीय भूखंडों की योजना निकाली गई है।

इन आवासीय भूखंडों के लिए आवेदन आज यानी मंगलवार से शुरू हो रहे हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 1 सितंबर है। प्लॉटों के लिए लकी ड्रॉ 18 अक्टूबर को निकाला जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना में 120 वर्ग मीटर के 194 प्लॉट हैं।

इन सेक्टरों में लॉन्च की गई योजना

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया, सेक्टर-16, 17, 20 में यह आवासीय योजना लॉन्च की गई है। इसमें किसानों के लिए 17 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है। यानी किसानों के लिए 34 प्लाट तो उद्यमियों के लिए 10 प्लॉट आरक्षित किए गए हैं। प्लॉट के लिए आवंटन की दर 24, 600 से 24,800 तक रखी गई है।

आवेदन के समय जमा करना होगा 10 प्रतिशत

नियमों के मुताबिक, आवेदन के समय आपको भूखंड की कुल कीमता का 10 प्रतिशत जमा करना होगा। यानी अगर आपका प्लॉट 120 वर्गमीटर का है, तो आपको शुरुआत में 2.45 लाख रुपये जमा करने होंगे। आवंटन हो जाने के बाद बाकी पैसा जमा करना होगा। अधिकारियों ने बताया, प्लॉट सात श्रेणियों में निकाले गए हैं। इसमें 120 मीटर से लेकर 2000 मीटर तक के प्लॉट मौजूद हैं।

यहां कर सकते हैं आवेदन

इस योजना में आवेदन करने के लिए आपको यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की वेबसाइट www. yamunaexpresswayauthority.com पर जाना होगा। इसके माध्यम से आप योजना में आवेदन कर सकेंगे। वहीं ICICI बैंक द्वारा योजना के तहत लोन सुविधा भी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया आवासीय स्कीम में बंपन आवेदन की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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