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लो एकेडमिक स्टेटस वाले बीवाल फैमिली के 7 बच्चों ने कैसे किया नीट क्लियर...2025 में भी लीक हुआ था पेपर? अंक थ्योरी देख चकराया सिर

NEET Paper Leak 2026 : नीट परीक्षा 2026 का पेपर लीक मामले में मांगीलाल बीवाल परिवार के 7 छात्रों के नीट परीक्षा क्लियर करने और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के बाद सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। ऐसे में सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज भी अब सीबीआई की जांच के दायरे में आ सकता है।

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विकास बिवाल

NEET Paper Leak 2026 : नीट परीक्षा 2026 का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द हो चुकी है और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। वहीं सीबीआई अब उन आरोपियों पर शिकंजा कस रही है , जिन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक में भूमिका अदा की। इस मामले में नीट परीक्षा पेपर लीक सरगना मांगीलाल बीवाल को सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है। अब शिकंजा उसके पुत्र विकास बिवाल पर भी कसा जा रहा है। मांगीलाल बीवाल का बेटा विकास बिवाल सवाई माधोपुर के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में अध्यनरत है। चौकाने वाली बात यह है कि विकास बिवाल बेहद औसत बौद्धिक क्षमता वाला विद्यार्थी रहा है और जनवरी से लेकर अब तक प्रत्येक माह इसकी उपस्थिति भी मेडिकल कॉलेज में नहीं के बराबर रही। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि नीट परीक्षा आयोजित होने के बाद यह लगातार कॉलेज में उपस्थित रहा। लेकिन अब पिछली 11 मई से यह बिना सूचना के सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज से नदारद है।

ऐसे में सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज भी अब सीबीआई की जांच के दायरे में आ सकता है। इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विकास की पढ़ाई के आंकड़े बताते हैं कि वो औसत बौद्धिक क्षमता का विद्यार्थी रहा है। लेकिन 2025 में उसका चयन नीट परीक्षा में 86% अंक लाकर हुआ, यह बड़े अचरज की बात है। जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच में जिस तरह के तथ्य निकलकर सामने आ रहे है। उससे 2025 की नीट परीक्षा की पारदर्शिता पर भी अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सीबीआई मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

जनवरी से लेकर 30 अप्रैल तक विकास की मेडिकल कॉलेज सवाई माधोपुर में उपस्थित नहीं के बराबर रही है। साथ ही समय समय पर लिए गए टेस्ट से भी वो नदारद रहा। वहीं जिस टेस्ट में शामिल हुआ उसी में केवल उसके तीस फीसदी अंक ही आए हैं, ऐसे में वह मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई में भी फिसड्डी ही साबित होता रहा है। अब अचानक विकास बिवाल 11 मई से बिना सूचना के कॉलेज से नदारद है। सीबीआई द्वारा इसे हिरासत में लेने की बात सामने आ रही है, लेकिन इसकी फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है।

मांगीलाल बीवाल के समूचे परिवार में पेपर लीक से ही ये पारिवारिक सदस्य नीट परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर मेडिकल कॉलेजों में दाखिला ले सके, इसकी पुष्टि होती चली जा रही है। नीट पेपर लीक मामले की जांच अब सिर्फ साल 2026 तक सीमित नहीं रह गई है। सीबीआई की जांच में जो खुलासे हुए हैं। उसमें साल 2025 की नीट परीक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या 2026 की तरह 2025 का पेपर भी लीक हुआ था। क्या 2025 में भी दिनेश और मांगीलाल तक नीट परीक्षा का पेपर पहले से पहुंच चुका था। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि दिनेश, मांगीलाल और उनके भाई स्वर्गवासी बड़े भाई घनश्याम के परिवार के ऐसे सात सदस्य हैं, जो पिछले दो वर्षों में नीट परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से पांच सदस्य सफल रहे। बिवाल परिवार के विकास सहित परिवार के पांच सदस्य 2025 की ही नीट परीक्षा में सफल हुए थे। इसमें विकास को सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज मिला तो कोई एसएमएस मेडिकल कॉलेज पहुंचा। किसी का चयन मुंबई और वाराणसी मेडिकल कॉलेज में हुआ। एक ही परिवार के इतने सदस्यों का एक साथ एक ही साल मेडिकल कॉलेजों तक पहुंचना अब जांच एजेंसियों को भी चौंका रहा है।

औसत विद्यार्थियों ने कैसे किया नीट क्लियर?

जांच में सामने आया है कि साल 2025 में मांगीलाल का बेटा विकास नीट परीक्षा पास कर सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। मांगीलाल की बेटी प्रगति का चयन दौसा मेडिकल कॉलेज में हुआ। दिनेश की बेटी गुंजन को वाराणसी मेडिकल कॉलेज अलॉट हुआ। वहीं घनश्याम की बेटी पलक को एसएमएस मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला और दूसरी बेटी सानिया मुंबई के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। यानी जो छात्र दसवीं और बारहवीं में औसत विद्यार्थी थे उन्होंने बड़ी ही आसानी से नीट क्लियर कर लिया। जांच में सामने आया कि विकास के 10वीं में 63 प्रतिशत और 12वीं में 55 प्रतिशत अंक थे।नीट-2024 में उसे 720 में से केवल 270 नंबर मिले थे।

सीकर की कोचिंग में दिए गए 46 टेस्ट में उसका औसत 384 नंबर रहा। इसके बावजूद नीट-2025 में उसने 85.11 फीसदी अंक हासिल कर सवाई माधोपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा लिया। प्रगति के 10वीं में 69 प्रतिशत और 12वीं में 91 प्रतिशत अंक थे। नीट-2024 में उसे 332 नंबर मिले थे। कोचिंग टेस्ट में उसका औसत करीब 302 नंबर रहा। इसके बाद नीट-2025 में उसने 89.08 फीसदी अंक हासिल कर दौसा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया।

गुंजन के कैसे रहे एकेडमिक रिकॉर्ड

गुंजन के 10वीं में 86 प्रतिशत और 12वीं में 70 प्रतिशत अंक थे। नीट-2024 में उसे 355 नंबर मिले थे। कोचिंग टेस्ट में उसका औसत 320 से 342 नंबर के बीच रहा। हालांकि नीट-2025 में उसने 92.53 प्रतिशत स्कोर कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में जगह बना ली। सानिया के 10वीं में 63 प्रतिशत और 12वीं में 89 प्रतिशत अंक थे। नीट-2024 में उसे 360 नंबर मिले थे। सीकर की कोचिंग में उसका टेस्ट औसत 341 से 361 नंबर के बीच रहा। बाद में नीट-2025 में उसने 94.07 प्रतिशत हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया।

पलक का क्या सीन

पलक के 10वीं में 93 प्रतिशत और 12वीं में 89 प्रतिशत अंक थे। नीट-2024 में उसे 512 नंबर मिले थे। कोचिंग टेस्ट में उसका औसत 515 से 550 नंबर के बीच रहा। नीट-2025 में उसने 98.61 परसेंटाइल हासिल कर जयपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन प्राप्त किया।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस बार विकास के चचेरे भाई ऋषि बिवाल के लिए भी पेपर खरीदा गया था। ऋषि 12वीं में ग्रेस मार्क्स के सहारे पास हुआ था। उसके 12वीं में करीब 50 प्रतिशत और 10वीं में 43.67 प्रतिशत अंक थे। इस साल परिवार के दो अन्य सदस्य दिनेश के बेटे ऋषि और मांगीलाल के बेटे अमन ने भी परीक्षा दी थी, लेकिन आंसर-की के आधार पर दोनों के करीब 105 से 110 अंक ही बन रहे थे।

इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पोस्ट और कोचिंग संस्थानों के प्रचार पोस्टर भी जांच के दायरे में आ गए हैं। दिनेश बिवाल ने 6 नवंबर 2025 को फेसबुक पर पोस्ट डालकर परिवार के पांच बच्चों के MBBS में चयन की जानकारी साझा की थी। वहीं सीकर के दीप करियर इंस्टीट्यूट ने भी गुंजन, सानिया और पलक की सफलता को अपने प्रचार में प्रमुखता से इस्तेमाल किया था।

हालांकि साल 2025 में NEET UG परीक्षा का पेपर आधिकारिक तौर पर लीक घोषित नहीं हुआ था। परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर पेपर लीक के कई दावे जरूर सामने आए थे, लेकिन उस समय NTA और साइबर एजेंसियों ने इन्हें फर्जी और भ्रामक बताया था। उस समय मामला शांत हो गया था। लेकिन अब 2026 में हुए बड़े खुलासे ने 2025 की परीक्षा को भी संदेह के घेरे में ला दिया है। अब एजेंसियां इन सभी के परीक्षा रिकॉर्ड, नंबर, परीक्षा केंद्र, संपर्क और कथित नेटवर्क से जुड़ाव की जांच कर रही हैं। ऐसे में विकास बिवाल और परिवार के अन्य सदस्यों ने जिस तरीके से 2025 में नीट की एक साथ परीक्षा फाइट की और मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया जो की बहुत औसत बौद्धिक क्षमता के विद्यार्थी रहे। ये बड़ा जांच का विषय है। ऐसे में सीबीआई की जांच के दायरे में अभी कई चेहरे बेनकाब होंगे। इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Lakhveer Singh Shekhawat
लखवीर सिंह शेखावतauthor

पत्रकारिता में पिछले सात साल से सक्रिय हैं, वर्तमान में Times Now नवभारत में राजस्थान ब्यूरो हेड हैं। इससे पहले, ज़ी मीडिया और न्यूज़18 नेटवर्क के राजस्थान चैनल के लिए दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य किया है। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी की डिग्री प्राप्त की और राजस्थान यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी में डिग्री हासिल की है। राजस्थान से संबंधित समाचारों और ख़बरों पर विशेष पकड़ रखते हैं। साथ ही देश की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं को कवर करने में भी विशेषज्ञता हासिल है।

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