अध्यात्म

Nag Panchami की पूजा छूट गई थी? तो आज करें नागों की पूजा, 2026 की दूसरी नाग पंचमी आज, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

2nd Nag Panchami Today: 17 अगस्त को 2026 की पहली नाग पंचमी मनाई गई, जिसके बाद आज 1 सितंबर को 2026 की दूसरी नाग पंचमी मनाई जा रही है। चलिए जानें साल में दो बार नाग पंचमी मनाने का कारण और आज की पूजा का शुभ मुहूर्त-विधि के बारे में।

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आज 1 सितंबर को कब और कैसे करें नाग पंचमी की पूजा?

2nd Nag Panchami 2026 Today: नाग पंचमी का दिन नाग देवताओं को समर्पित होता है। इस दिन पाताल लोक के राजा शेषनाग, भगवान शिव के गले में आभूषण के रूप में सुशोभित वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलिक, कर्कट और शंख यानी 8 नागों की विशेष रूप से पूजा की जाती है। साथ ही शिव उपासना करना शुभ रहता है। मान्यता है कि नाग पंचमी पर की गई पूजा से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर में सुख-शांति का आगमन होता है।

गौरतलब है कि साल में 2 बार नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है, जिनका अपना महत्व और कारण है। अमांत पंचांग के अनुसार, आज 1 सितंबर को साल 2026 की दूसरी नाग पंचमी है, जबकि पहली बार 17 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व मनाया गया था। चलिए जानें आज नाग पंचमी मनाने के पीछे के कारण, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि आदि के बारे में।

आज 1 सितंबर को नाग पंचमी क्यों मनाई जा रही है?

पूर्णिमांत और अमांत पंचांग के बीच अंतर होने के कारण साल में 2 बार नाग पंचमी मनाई जाती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार आदि उत्तर भारत के क्षेत्रों में पूर्णिमांत पंचांग को माना जाता है, जिसके अनुसार सावन (श्रावण) माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई गई। इसी वजह से 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी मनाई गई। वहीं, गुजरात, गोवा, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश आदि क्षेत्रों में रह रहे लोग अमांत पंचांग को मानते हैं, जिसमें सावन का महीना पूर्णिमांत पंचांग की तुलना में 15 दिन (लगभग) बाद समाप्त होता है। ऐसे में अमांत पंचांग के मुताबिक सावन महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है, जो कि पूर्णिमांत गणना के अनुसार भाद्रपद यानी भादो माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। इसी वजह से आज 1 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि (पूर्णिमांत पंचांग) यानी श्रावण कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि (अमांत पंचांग) पर नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है।

नाग पंचमी 2026 की तिथि (अमांत पंचांग के अनुसार)

  • श्रावण (सावन) माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ- आज 01 सितंबर 2026 को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर
  • श्रावण (सावन) माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि का समापन- कल 02 सितंबर 2026 को सुबह 06 बजकर 12 मिनट पर

नाग पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त

आज नाग पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 41 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 32 मिनट तक है। इस दौरान शिव जी और नागों की पूजा करना शुभ रहेगा। कुछ लोग नाग पंचमी पर जीवित सांपों को दूध पिलाते हैं, जो कि सही नहीं है।

नाग पंचमी की पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कार्य करके स्वच्छ हरे, पीले, सफेद या केसरिया रंग के कपड़े पहनें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें, जिसके बाद वहां लकड़ी की एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर शिव जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। दीवार पर गोबर, मिट्टी या हल्दी मिश्रित चंदन से नाग देवता की आकृति बनाएं या चित्र चिपकाएं। हाथ जोड़कर गणेश जी, भगवान शिव और 8 नाग देवताओं (शेषनाग, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलिक, कर्कट और शंख) का स्मरण करें।

चौकी पर तांबे या पीतल का एक कलश स्थापित करें, जिसमें जल, गंगाजल, अक्षत, सिक्का और सुपारी डालें। कलश के ऊपर आम के 3 पत्ते रखने के बाद नारियल रखें। भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें। नाग देवता को जल, दूध, अक्षत, चंदन और सफेद या पीले रंग के फूल अर्पित करें। इस दौरान 108 बार 'ॐ नागदेवतायै नमः' मंत्र का जाप करें।

घी का दीपक जलाने के बाद नाग पंचमी की कथा पढ़ें। देवताओं की आरती करने के बाद नाग देवता की 3 बार परिक्रमा करें। अंत में पूजा में हुई गलतियों के लिए माफी मांगें।

Nidhi Jain
निधि जैनauthor

निधि जैन Times Now नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के तौर पर जुड़ी हैं। इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 साल से ज्यादा का अनुभव है। पढ़ने और लिखने के प्रति इनकी रुचि ही इन्हें जर्नलिज्म की ओर लेकर आई। निधि अब तक हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुकी हैं।

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