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NEET Paper Leak 2026 : डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है? कब पकड़े जाएंगे नीट के गुनहगार; देशभर में छात्रों का गुस्सा फूटा

NEET UG 2026 विवाद के बाद देशभर में व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिसमें छात्र राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जवाबदेही, पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं। यह मुद्दा अब परीक्षा की निष्पक्षता और प्रतियोगी परीक्षाओं में विश्वास को लेकर देशव्यापी बहस का रूप ले चुका है।

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नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों का प्रदर्शन

NEET Paper Leak 2026 : परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द की गई मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी अब 21 जून को दोबारा करायी जाएगी। उससे पहले छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। देश के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन के सुर सुनाई देने लगे हैं। हजारों छात्र देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और जवाबदेही, गिरफ्तारियों और परीक्षा प्रणाली में पूर्ण सुधार की मांग कर रहे हैं। परीक्षार्थियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही ने वर्षों के बलिदान, रातों की नींद हराम करने और अथक परिश्रम को बर्बाद कर दिया है।छात्रों का कहना है कि पांच, दस हजार में माफिया पेपर बेचकर हमारे करियर को तबाह कर रहे हैं। हमें न्याय चाहिए।

जंतर-मंतर पर भारी प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भावुक दृश्यों से लेकर कई राज्यों में प्रदर्शनों तक हजारों उम्मीदवार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया है, जबकि छात्र समूह सख्त कार्रवाई और सुधारों की मांग जारी रखे हुए हैं।

NEET क्लीन के लिए NSUI मैदान पर

NEET पेपर लीक के विरोध में NSUI कार्यकर्ताओं और NEET अभ्यर्थियों ने झालमुड़ी बेचकर अनोखा प्रदर्शन किया। मोदी सरकार में शिक्षा व्यवस्था की बदतर हालत से छात्रों के भविष्य का सौदा व्हाट्सऐप और टेलीग्राम पर हो रहा है, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ है। जब तक NEET अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलेगा, NSUI की लड़ाई जारी रहेगी।

लखनऊ यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों का प्रदर्शन

लखनऊ में नीट परीक्षा रद्द करने के विरोध में लखनऊ यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की होने की तस्वीरें सामने आई हैं और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। समाजवादी छात्र सभा के छात्र भी प्रदर्शन में शामिल थे।

आपको बता दें कि यह परीक्षा पहले तीन मई को आयोजित की गई थी। एनटीए ने मंगलवार को नीट-यूजी परीक्षा रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा था कि परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ’’राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भारत सरकार की मंजूरी के साथ नीट (यूजी) 2026 की पुन: परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है।’’

यह घोषणा बृहस्पतिवार देर शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद की गई, जिसमें परीक्षा दोबारा कराने की तैयारियों की समीक्षा की गई।

प्रियंका गांधी ने क्या कहा?

उधर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में नीट परीक्षा के उम्मीदवार की कथित आत्महत्या पर दुख जताया और कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार होने वाली अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण परीक्षाएं रद्द हो रही हैं, जिससे हर साल लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गाधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''यूपी के लखीमपुर खीरी में छात्र ऋतिक मिश्रा के खुदकुशी का समाचार अत्यंत दुखद है। ऋतिक के शोक संतप्त माता-पिता एवं परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।''

बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए बताया कि नीट यूजी पेपर रद्द होने के बाद सरकार ने नई परीक्षा तिथि घोषित कर दी है। 21 जून को री-एग्जामिनेशन कराया जाएगा। धर्मेंद्र प्रधान ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले वर्ष से नीट यूजी परीक्षा पारंपरिक ओएमआर आधारित प्रणाली के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा मोड में आयोजित की जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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