राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की सरगर्मी तेज हो गई है। राजस्थान की धरती को कांग्रेस मुक्त कर कमल खिलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ चक्रव्यूह की रचना की है। चुनाव की घोषणा से पहले भाजपा ने राजस्थान की भूमि पर उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायकों के प्रवास लगाए हैं। ये सभी भाजपा विधायक शनिवार तक जयपुर पहुंच गए थे और शनिवार को ही इन प्रवासी विधायकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के बाद इन भाजपा विधायकों को राजस्थान के अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में राजस्थान की सियासी हवा परखने और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए उतार दिया गया है।
योगी मॉडल की चर्चा करेंगे यूपी के विधायक
जयपुर में आयोजित भाजपा विधायक प्रवास कार्यशाला एवं प्रवासी विधायक प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश महामंत्री संगठन चंद्रशेखर ने विधायकों को संबोधित किया। प्रशिक्षण के बाद विधानसभा सीटों पर जातीय समीकरण के हिसाब से इन विधायकों को जिम्मेदारी दी गई है। यह विधायक राजस्थान की जनता के बीच जाकर यूपी के योगी मॉडल की चर्चा करेंगे और इससे जनता में भाजपा सरकार के प्रति विश्वास पैदा करेंगे। विधायक यूपी में योगी सरकार आने के बाद कानून व्यवस्था में आए व्यापक परिवर्तन की चर्चा राजस्थान की जनता के बीच करेंगे।
यूपी, गुजरात, हरियाणा से पहुंचे 200 विधायक
विधायकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के विभिन्न मोर्चा और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से संवाद स्थापित कर उन्हें सक्रिय करेंगे। सूत्रों की मानें तो इन विधायकों द्वारा दी गई क्षेत्र की रिपोर्ट टिकट वितरण में भी अहम होगी। पार्टी की रणनीति के तहत यूपी, गुजरात व हरियाणा के 200 विधायकों को राजस्थान की सभी 200 सीटों पर भेजा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त तक ये विधायक राजस्थान में प्रवास करेंगे।
पश्चिमी यूपी से ये विधायक पहुंचे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बात करें तो जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, दादरी विधायक तेजपाल नागर, गाजियाबाद से सुनील शर्मा, लोनी से नंदकिशोर गुर्जर, हापुड़ सदर विधायक विजयपाल आढ़ती, बागपत से योगेश धामा, सहानपुर से कीरथ सिंह गुर्जर, मुकेश चौधरी, राजीव गुम्मर, सिकंदराबाद विधायक लक्ष्मीराज सिंह राजस्थान पहुंचे हैं। वहीं देवरिया से विधायक शलभमणि त्रिपाठी भी राजस्थान में पार्टी के प्रति सियासी माहौल को परखेंगे।
