Jaipur News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं। जहां सियासी पार्टियां अपनी एड़ी-चोटी का जोर रहा रही हैं, वहीं निर्वाचन आयोग ने राजस्थान के अधिकारियों से मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरी गंभीरता और सावधानी से करने को कहा है। इसके साथ ही अधिकारियों से शराब व नकदी के परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
तैयारियों का जायजा लेने राजस्थान दौरे पर चुनाव आयोग की टीम
देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय व अरूण गोयल ने यहां अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्देश दिए। राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं और आयोग का उच्च स्तरीय दल तैयारियों का जायजा लेने के लिए राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर है। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार निर्वाचन आयोग के दल ने शनिवार को राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, सभी संभागों के आयुक्त और पुलिस रेंज महानिरीक्षकों के साथ बैठक करके विधानसभा चुनाव-2023 की तैयारियों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने मतदाता सूची के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रगति की जानकारी ली और निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटि रहित बनाने पर जोर दिया।
राज्य में शराब, नगदी के परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश
आयोग ने मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरी गंभीरता, सूक्ष्मता और सावधानी से करने को कहा। आयोग ने ‘इपिक कार्ड’ (डिजिटल मतदाता पहचानपत्र) की प्रिंटिंग और वितरण की भी जानकारी ली। आयोग ने चुनाव खर्च की निगरानी के लिए राज्य में शराब, नगदी के परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने आदर्श आचार संहिता के लागू होने का इंतजार न करते हुए ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई करने को कहा। आयोग ने बैठक में मतदान केंद्रों में व्यवस्था, ईवीएम और वीवीपैट की उपलब्धता व भंडारण तथा मानव संसाधन, वाहन तथा शिकायत निवारण प्रबंधन की भी समीक्षा की और नियंत्रण कक्ष को सक्रिय करने के निर्देश दिए। निर्वाचन आयुक्तों और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में विधानसभा निर्वाचन के लिए पोस्टल बैलेट की आवश्यकता, संचार योजना, निर्वाचन संपन्न कराने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की।
(इनपुट- भाषा)
