दिल्ली

Cracker Ban in Delhi: 'बैन' के बावजूद दिल्ली में कहां से आते हैं पटाखे? सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Sep 14, 2023, 06:06 PM IST

Supreme Court on Cracker Ban:दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध है इसके बावजूद लोग कैसे फोड़ रहे हैं, इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा है कि पटाखे जलाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर समाधान नहीं है।

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इस साल भी दिल्ली में पटाखों पर Ban है

दीवाली आने वाली है और इस साल भी दिल्ली में पटाखों पर बैन (Cracker Ban in Delhi) है, लेकिन खास बात ये है कि इसके बावजूद भी दिल्ली में इसका असर दिखता नहीं है इसे लेकर अब प्रतिबंध के बावजूद पटाखों इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट (SC on Cracker Ban) ने चिंता जाहिर की है, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा कि पटाखे कहां से आते हैं? इसका पता कर कार्रवाई करे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखे चलाने वाले लोगों पर ही सिर्फ कार्रवाई काफी नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को कहा कि वे बाहर से आने वाले पटाखों के सोर्स का पहले पता लगाएं और उनके खिलाफ एक्शन ले।

दिल्ली में पटाखों पर बैन के बावजूद इनके इस्तेमाल पर SC ने चिंता जाहिर की, सुप्रीम कोर्ट ने ASG ऐश्वर्या भाटी से कहा कि पटाखे चलाने वाले लोगों पर ही सिर्फ कार्रवाई काफी नहीं है, आपको बाहर से आने वाले पटाखो के सोर्स का पता लगाकर उनके खिलाफ एक्शन लेना होगा। ये कार्रवाई शुरू में ही होनी चाहिए।पटाखें छोड़े जाने के बाद कार्रवाई करने का फायदा नहीं है।

ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि साल 2016 के बाद दिल्ली पुलिस ने किसी को लाइसेंस नहीं दिया है। दो सालों में क्रमशः 17 हज़ार और 10 हज़ार किलो पटाखे जब्त किए गए है। कोर्ट ने इस पर टिप्पणी कि चूंकि साल 2016 के बाद से ही पटाखों पर बैन है, लिहाजा लाइसेंस देने का वैसे भी सवाल नहीं उठता।

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रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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