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G20 को लेकर नया अपडेट: दिल्ली पुलिस ने वापस लिया आदेश, अब सिर्फ बंद रहेगा सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 4, 2023, 06:15 PM IST

Delhi Metro: दिल्ली पुलिस के अनुसार सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी स्टेशनों पर ट्रेन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे पहले जारी आदेश में कहा गया था कि वीवीआईपी मार्ग व समिट स्थल की ओर खुलने वाले कुछ मेट्रो स्टेशन के गेट 8 से 10 सितंबर तक बंद रहेंगे।

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दिल्ली मेट्रो

Photo : Twitter

Delhi Metro: जी-20 समिट को लेकर दिल्ली पुलिस ने नया अपडेट दिया है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि दिल्ली मेट्रो स्टेशनों को लेकर पुराने आदेश को वापस ले लिया गया है, जिसमें समिट स्थल की ओर खुलने वाले मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का आदेश दिया गया था। ताजा सूचना के अनुसार, अब सिर्फ सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन को पूरी तरह से बंद रखने का फैसला किया गया है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी स्टेशनों पर ट्रेन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। बता दें, 2 सितंबर को जारी किए गए आदेश में कहा गया था कि वीवीआईपी मार्ग व समिट स्थल की ओर खुलने वाले कुछ मेट्रो स्टेशन के गेट 8 से 10 सितंबर तक बंद रहेंगे।

39 मेट्रो स्टेशनों को किया गया चयनित

जी20 समिट को लेकर दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने 39 संवेदनशील स्टेशनों की भी पहचान की है, जहां वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा, वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण स्टेशनों पर 10-15 मिनट के लिए गेट बंद हो सकते हैं, लेकिन प्रगति मैदान (सुप्रीम कोर्ट) के अलावा अन्य स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

दिल्ली मेट्रो उपलब्ध कराएगी टूरिस्ट स्मार्ट कार्ड

जी20 शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली मेट्रो यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि की उम्मीद कर रही है। ऐसे में 4 से 13 सितंबर तक दिल्ली मेट्रो के 36 स्टेशनों पर टूरिस्ट स्मार्ट कार्ड उपलब्ध रहेंगे। ये कार्ड दो श्रेणियों में उपलब्ध होंगे - एक दिन और तीन दिन की वैधता के साथ अनलिमिटेड राइड की सुविधा प्रदान करेंगे। मेट्रो अधिकारियों ने बताया, इस तरह के कार्ड आम दिनों में भी उपलब्ध हैं, लेकिन जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर, सोमवार से 10 दिनों की अवधि के लिए इन कार्डों को बेचने के लिए समर्पित काउंटर खोले गए हैं। एक दिवसीय कार्ड 200 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि तीन दिवसीय कार्ड की कीमत 500 रुपये होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने कहा कि इस राशि में 50 रुपये की वापसी योग्य सुरक्षा जमा राशि भी शामिल है।

इन स्टेशनों पर मिलेंगे कार्ड

जिन 36 स्टेशनों पर ये कार्ड समर्पित काउंटरों के माध्यम से बेचे जाएंगे उनमें कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, नई दिल्ली, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, लोक कल्याण मार्ग, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, हौज खास, नेहरू प्लेस, कालकाजी मंदिर, अक्षरधाम और टर्मिनल 1 आईजीआई हवाई अड्डा मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।

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प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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