Delhi News: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए जिक्र किया गया। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत के सामने यह मामला उठाया। प्रशांत भूषण ने दावा किया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा 33 लाख और लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनके मुताबिक इन लोगों को दो आधार पर नोटिस दिए गए हैं। पहला ‘तार्किक विसंगति’ और दूसरा ‘अनमैप्ड’ होना बताया गया है।
प्रशांत भूषण ने प्रक्रिया में पारदर्शिता पर उठाए सवाल
प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने नोटिस पाने वाले लोगों के नाम अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक इन नामों को वेबसाइट पर जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि कुछ लोगों को नोटिस नहीं मिल रहे हैं। उनके मुताबिक नोटिस में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित व्यक्ति को किस वजह से बुलाया गया है।
प्रशांत भूषण ने दावा किया कि यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि किसी व्यक्ति को ‘तार्किक विसंगति’ के तौर पर चिह्नित करने का आधार क्या है। उन्होंने SIR की प्रक्रिया को अपारदर्शी होने का आरोप लगाया।
मंगलवार को SIR मामलों पर सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि SIR से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई मंगलवार को होगी। उन्होंने कहा कि नई याचिका को भी मंगलवार को सूचीबद्ध किया जाएगा।
सवालों के घेरे में SIR
बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार मतदाता सूची के मसौदे में बाहर किए गए मतदाताओं की संख्या 2025 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली की 70 में से 68 विधानसभा सीटों पर जीत के अंतर से अधिक है। ’वोटर अधिकार मंच’ का यह अध्ययन निर्वाचन आयोग और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आंकड़ों पर आधारित है। अध्ययन के अनुसार, 31 जनवरी 2025 को जब दिल्ली विधानसभा चुनाव हुए थे, उस समय दिल्ली की मतदाता सूची में 1,56,14,000 मतदाता थे। वहीं, 30 जून 2026 तक जब एसआईआर शुरू हुआ, मतदाता सूची में 1,45,10,299 मतदाता रह गए थे। सबर इंस्टीट्यूट और वोटर अधिकार मंच द्वारा किए गए ऑडिट के अनुसार, एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग ने 47,27,762 और मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे (एएसडीडी) मतदाताओं के रूप में चिह्नित किया। यह संख्या एसआईआर के आधार मतदाताओं का 32.8 प्रतिशत है, यानी करीब हर तीन में से एक मतदाता।
