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दिल्ली SIR पर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका, 47 लाख से ज्यादा नाम हटाने के बाद 33 लाख लोगों को नोटिस देने पर सवाल

Delhi News: दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। प्रशांत भूषण ने सीजेआई सूर्यकांत के समक्ष दावा किया कि 47 लाख नाम हटाए गए और 33 लाख को नोटिस जारी हुए।

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दिल्ली SIR पर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका (फाइल फोटो- PTI)

Delhi News: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए जिक्र किया गया। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत के सामने यह मामला उठाया। प्रशांत भूषण ने दावा किया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा 33 लाख और लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनके मुताबिक इन लोगों को दो आधार पर नोटिस दिए गए हैं। पहला ‘तार्किक विसंगति’ और दूसरा ‘अनमैप्ड’ होना बताया गया है।

प्रशांत भूषण ने प्रक्रिया में पारदर्शिता पर उठाए सवाल

प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने नोटिस पाने वाले लोगों के नाम अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक इन नामों को वेबसाइट पर जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि कुछ लोगों को नोटिस नहीं मिल रहे हैं। उनके मुताबिक नोटिस में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित व्यक्ति को किस वजह से बुलाया गया है।

प्रशांत भूषण ने दावा किया कि यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि किसी व्यक्ति को ‘तार्किक विसंगति’ के तौर पर चिह्नित करने का आधार क्या है। उन्होंने SIR की प्रक्रिया को अपारदर्शी होने का आरोप लगाया।

मंगलवार को SIR मामलों पर सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि SIR से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई मंगलवार को होगी। उन्होंने कहा कि नई याचिका को भी मंगलवार को सूचीबद्ध किया जाएगा।

सवालों के घेरे में SIR

बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार मतदाता सूची के मसौदे में बाहर किए गए मतदाताओं की संख्या 2025 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली की 70 में से 68 विधानसभा सीटों पर जीत के अंतर से अधिक है। ’वोटर अधिकार मंच’ का यह अध्ययन निर्वाचन आयोग और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आंकड़ों पर आधारित है। अध्ययन के अनुसार, 31 जनवरी 2025 को जब दिल्ली विधानसभा चुनाव हुए थे, उस समय दिल्ली की मतदाता सूची में 1,56,14,000 मतदाता थे। वहीं, 30 जून 2026 तक जब एसआईआर शुरू हुआ, मतदाता सूची में 1,45,10,299 मतदाता रह गए थे। सबर इंस्टीट्यूट और वोटर अधिकार मंच द्वारा किए गए ऑडिट के अनुसार, एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग ने 47,27,762 और मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे (एएसडीडी) मतदाताओं के रूप में चिह्नित किया। यह संख्या एसआईआर के आधार मतदाताओं का 32.8 प्रतिशत है, यानी करीब हर तीन में से एक मतदाता।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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