Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर का बचा हुआ कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। शनिवार से मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। बैठक में मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और निर्माण कंपनी के तकनीकी कर्मचारी भी शामिल रहे। इस बैठक में बचे हुए निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही रामनवमी से पहले यात्रियों की सुविधा और सुगम दर्शन से जुड़े कामों को पूरा करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। मंदिर के प्रथम तल में सिर्फ 10 फीसदी काम ही बचा हुआ है। दिसंबर 2024 तक रामलला का दरबार पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
प्रथम तल में 10 फीसदी कार्य शेष
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों के चलते राम मंदिर का काम 15 जनवरी से रुका हुआ है। मंदिर का बचा हुआ काम 10 फरवरी से शुरू करने की तैयारी है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि एलऐंडटी कंपनी श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य का शेड्यूल तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य में और तेजी लाई जाएगी। सबसे पहले परकोटा की बाउंड्री का निर्माण कार्य पूरा होगा। साथ ही मंदिर के भूतल के खंभों पर मूर्तियां उकेरने का काम भी पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंदिर के प्रथम तल का स्ट्रक्चर खड़ा है इसका सिर्फ 10 फीसदी काम ही बचा हुआ है, जिसे तेजी से पूरा किया जाएगा।
निर्माण के दौरान दर्शन में नहीं पड़ेगी बाधा
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2024 तक रखा गया है। मुख्य मंदिर के परकोटा मार्ग पर 6 देवी देवताओं के मंदिर और परिसर में 7 छोटे मंदिरों का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा। साथ ही मंदिर में मंडपों का भी निर्माण होगा। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि रामनवमी से पहले परिसर की सभी सड़कों का काम, लाइटिंग, सिक्योरिटी और तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र का बचा हुआ काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि दर्शन में बिना रुकावट पैदा किए मंदिर का निर्माण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे इसकी भी योजना तय की गई है। इसके अलावा विशेष पर्व या स्नान के मौकों पर राम मंदिर में पांच लाख या इससे अधिक श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन का भी रोडमैप तैयार किया गया है।
