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...तो मेरी अस्थियां कोर्ट के बाहर गटर में बहा देना, आत्महत्या करने वाले AI इंजीनियर अतुल ने ये अंतिम इच्छा क्यों जताई

बेंगलुरू में एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद हर कोई हैरान है। उनका लिखा 24 पेज का सुसाइड नोट और मौत को गले लगाने से पहले बनाया गया 80 मिनट का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें सुभाष ने आत्महत्या करने का कारण बताया है। सुभाष ने वीडियो में कहा कि उनकी अस्थियों को गटर में बहा देना अगर...

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अतुल सुभाष आत्महत्या मामला

Photo : Twitter

बेंगलुरू में AI इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में चार लोगों खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आज यानी बुधवार 11 दिसंबर को दर्ज हुई FIR में अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, साले अनुराग सिंघानिया और चाचा ससुर सुशील सिंघानिया का नाम है। अतुल के भाई बिकास कुमार ने इन लोगों के खिलाफ बेंगलुरू के मराठाहल्ली पुलिस थाने में यह FIR दर्ज करवाई है। आत्महत्या से पहले अतुल ने 80 मिनट का एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति के बारे में बताया था। उन्होंने अपने मरने का कारण के साथ ही इसके लिए जिम्मेदार लोगों के नाम भी बताए और अपनी अंतिम इच्छा भी बताई। अतुल ने 24 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा था और उनका शव बेंगलुरु के मंजूनाथ लेआउट में उनके फ्लैट से बरामद हुआ था।

आत्महत्या से पहले वीडियो बनाया

मौत को गले लगाने से पहले अतुल ने जो वीडियो बनाया था, उसमें उन्होंने खुलकर अपनी परेशानियों के बारे में जिक्र किया। इस वीडियो में अतुल ने बताया कि कैसे उसकी पत्नी उसे परेशान और प्रताड़ित करती थी। उन्हें प्रताड़ित करने के लिए ही उसके बच्चे को उससे नहीं मिलने दिया जाता था। अतुल ने अपनी पत्नी से कहा है, 'तुम मेरे बच्चे को वैल्यूज नहीं सिखा सकतीं, उसे मेरे माता-पिता को सौंप देना। मेरे माता-पिता और भाई उसका अच्छे से लालन-पालन करेंगे और वैल्यूज सिखाएंगे।'

बिना कैमरा के मेरी पत्नी या उसके परिवार से न मिलें

मूल रूप से बिहार के रहने वाले अतुल सुभाष ने वीडियो में अपने भाई और पैरेंट्स से यह भी कहा है कि बिना कैमरा के उसकी पत्नी या पत्नी के परिवार वालों से न मिलें। उनसे कभी भी अकेले में न मिलें, वह आप पर भी रेप का आरोप लगा सकते हैं। मिलना जरूरी हो तो कैमरे के साथ और सार्वजनिक जगह पर ही उनसे मिलें।

पत्नी को मेरे शव के आसपास मत आने देना

अतुल ने इस वीडियो में कहा कि मरने के बाद उसकी पत्नी और पत्नी के परिवारजनों को उसकी शव के आसपास भी न आने दें। अतुल ने वीडियो में कहा कि जब तक उसको प्रताड़ित करने वालों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनकी अस्थियों को विसर्जित न किया जाए।

...तो गटर में बहा देना मेरी अस्थियां

अतुल ने अपने वीडियो में आगे कहा, अगर इतने सारे सुबूत होने के बाद भी अगर कोर्ट, मुझे प्रताड़ित करने वाले लोगों को सजा नहीं देती है और बरी कर देती है तो मेरी अस्थियों को वहीं कोर्ट के बाहर किसी गटर में बहा देना चाहिए। ताकि मैं हमेशा-हमेशा के लिए ये जान जाऊं कि इस देश में एक लाइफ की वैल्यू क्या है।

अभी न्याय बाकी है

जिस कमरे में अतुल ने आत्महत्या की वहां एक तख्ती भी मिली है, जिस पर लिखा था - 'अभी न्याय बाकी है।' अतुल ने उत्तर प्रदेश में जौनपुर की एक जज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने 24 पेज के सुसाइड नोट में जज पर मामले को रफा-दफा करने के लिए पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि उनकी पत्नी और सास ने उन्हें आत्महत्या करने के लिए कहा था। जब पत्नी और सास ने आत्महत्या के लिए कहा, उस समय उक्त जज हंस पड़ी थी।

ये था मामला

अतुल सुभाष पर उनकी पत्नी ने दहेज और उनके पिता की हत्या का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था। अतुल की पत्नी ने उनके परिवार के लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज करवा थे। उन पर मर्डर और अप्राकृतिक सेक्स के आरोप लगाए। अतुल की पत्नी ने आरोप लगाया था कि उन्होंने 10 लाख रुपये दहेज मांगा था, जिसके चलते उसके पिता का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। यह सभी बातें अतुल ने अपने सुसाइड नोट में लिखी हैं।

अतुल के सुसाइड नोट ने यह भी लिखा, पत्नी ने केस को सेटल करने के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की थी। बाद में इसे बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये कर दिया था। जब अतुल ने इस बारे में जौनपुर की फैमिली कोर्ट के जज को बताया तो उन्होंने भी उनकी पत्नी का साथ दिया। अतुल ने जब जज को NCRB की रिपोर्ट के बारे में बताया कि झूठे आरोप के चलते बहुत सारे पुरुष आत्महत्या कर लेते हैं, तो पत्नी ने बीच में ही कहा कि तुम भी सुसाइड क्यों नहीं कर लेते। इस बात पर जज हंस पड़ी और कहा कि ये केस झूठे ही होते हैं। तुम परिवार के बारे में सोचो और केस सेटल करो। मैं केस सेटल करने के बदले 5 लाख रुपये लूंगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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