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अयोध्या Ram Mandir दान चोरी मामले में एक्शन, जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT गठित; 7 दिन में आएगी रिपोर्ट

अयोध्या में श्री राम मंदिर में दान पात्र में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (परिक्षेत्र) किरन एस और वित्‍त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है।

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श्री राम मंदिर में दान पात्र चोरी मामला

अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से धनराशि चोरी होने के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही चर्चाओं और राजनीतिक बयानों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (एसआईटीई) से जांच कराने की मांग रखी थी। जिसके बाद शनिवार को योगी सरकार ने दान पात्र में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर तीन सदस्यी एसआईटी गठित की गई है। इस टीम में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (परिक्षेत्र) किरन एस और वित्‍त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। SIT को 7 दिन में प्रारंभिक और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

एक प्रवक्ता ने बताया कि ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी से मांग की है कि मामले को लेकर भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए एसआईटी गठित की मांग रखी गई है, ताकि तथ्य जनता के सामने आ सकें और अफवाहों पर विराम लगे।

अखिलेश यादव ने उठाए थे सवाल

बता दें कि इस प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि 'चढ़ावा चोरी कांड’ को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पुलिस इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी करती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता असहज हो गए हैं। सपा प्रमुख ने कहा भाजपा के संगी-साथी इस मामले से दूरी बनाने के लिए हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ की सरकार ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है और दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहां हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच आशंकाएं और बढ़ गई हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच और खुलासे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है।

सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि इस कथित अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और यह मामला कितनी दूर तक फैला हुआ है। उन्होंने पूछा कि पूरे प्रकरण का सूत्रधार कौन है और इस कथित घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका है।

पहले ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चढ़ावा में चोरी का मामला उठाया था। तब चंपत राय ने बयान जारी कर किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर दिया था। इसके बाद भी अखिलेश यादव का हमला जारी रहा। इसी बीच बुधवार को यहां तैनात रहे विहिप नेता और पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने भी कई सालों से चढ़ावा में चोरी का सनसनीखेज आरोप लगा दिया। इसके बाद अयोध्या के संत भी दो गुटों में बंटे नजर आए। चौतरफा जांच की मांग उठने लगी।

नृपेंद्र मिश्र ने क्या कहा?

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को कहा कि उनकी भूमिका सिर्फ निर्माण कार्य की देखरेख करने तक ही सीमित है। उन्होंने मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी और पैसों में गड़बड़ी के आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। निर्माण समिति की बैठक में शामिल होने आये मिश्र ने कहा कि उनकी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ निर्माण कार्यों की निगरानी करना है। उन्होंने बताया कि वह निर्माण से जुड़े कार्यों का जायज़ा लेने अयोध्या आए हैं।

उन्होंने कहा कि बैठक में कई निर्माण परियोजनाओं पर चर्चा की जाएगी। मंदिर में कथित दान घोटाले के बारे में पूछे जाने मिश्र ने कहा, ’’मैं सिर्फ़ निर्माण कार्य देखता हूं, और कुछ नहीं। उन्होंने दान घोटाले से जुड़े सवालों पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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