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Times Now Navbharat Explained: क्या है राम मंदिर चंदा विवाद? किसने लगाए आरोप और ट्रस्ट ने क्या दिया जवाब; जानें सबकुछ

Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर में आने वाले दान और चढ़ावे को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे में 5 से 7 करोड़ रुपये तक की कथित चोरी हुई है, जिसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। आइए इस विवाद को सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं।

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आइए जानते हैं कि राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर अब तक क्या-क्या हुआ। AI IMAGE
Authored by: Piyush Kumar
Updated Jun 13, 2026, 12:16 IST
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Ram Mandir Donation Row: राम नगरी अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर के मंदिरों में आने वाले दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद अब लगातार गहराता जा रहा है।

इस पूरे विवाद को हवा तब मिली जब समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान के हिसाब-किताब में बड़ी गड़बड़ी का दावा कर दिया। आरोपों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राम मंदिर के चढ़ावे में 5 करोड़ से लेकर 7 करोड़ रुपये तक की कथित चोरी की बात कही जा रही है।

राम मंंदिर चंदा विवाद लगातार गहराता जा रहा। shriramteerthkshetra insta handle

राम मंंदिर चंदा विवाद लगातार गहराता जा रहा। shriramteerthkshetra insta handle

बीजेपी नेता ने की सीबाआई जांच की मांग

यह मामला सिर्फ विपक्षी आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ही वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता रजनीश सिंह ने इस कथित घोटाले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रजनीश सिंह ने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) या किसी अन्य केंद्रीय एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर डाली है।

राम मंदिर ट्रस्ट ने क्या दी सफाई?

वहीं दूसरी तरफ, इन तीखे हमलों और आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना लिया है। ट्रस्ट ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। इनका कहना है कि मंदिर के चढ़ावे और दान का नियमित ऑडिट होता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ स्टेट बैंक के अधिकारी भी शामिल रहते हैं। चंपत राय के मुताबिक दान और चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है और अब तक हुए हर ऑडिट में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई जिससे करोड़ों रुपए की चोरी की पुष्टि होती हो।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े लोगों की फाइल फोटो। shriramteerthkshetra insta handle

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े लोगों की फाइल फोटो। shriramteerthkshetra insta handle

कब हुआ इस विवाद का जन्म?इस मामले की शुरुआत 7 जून को हुई। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता पवन पांडेय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे में 5 से 7 करोड़ रुपये की भारी चोरी हुई है। इस खुलासे के तुरंत बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी मोर्चा खोल दिया। अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाते हुए कहा कि इस इतने बड़े मामले पर सरकार और ट्रस्ट की 'रहस्यमयी चुप्पी' बेहद संदिग्ध है।

किन दिग्गजों ने क्या-क्या कहा?

बृजभूषण शरण सिंह

कैसरगंज से पूर्व बीजेपी सांसद और दिग्गज नेता बृजभूषण शरण सिंह ने इस मामले में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर वह इस मामले की पूरी सच्चाई सामने रखेंगे, तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वह विवादों में घिर जाएंगे। उन्होंने कहा कि मामले में बहुत ताकतवर लोग शामिल हैं। समय आने पर बोलेंगे।

बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर चंदा विवाद पर दी प्रतिक्रिया। ANI

बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर चंदा विवाद पर दी प्रतिक्रिया। ANI

महंत कमल नयन दास

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि इस दान विवाद की असली जांच भगवान करेंगे। गलत काम करने वालों को आखिरकार अपने कर्मों का फल मिलेगा। उन्होंने कहा वर्तमान समय में जांच करने वालों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

संजय सिंह

आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने चंपत राय को चुनौती दी कि वे भगवान राम की मूर्ति पर हाथ रखकर सौगंध खाएं कि कोई चंदा चोरी नहीं हुई है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

वहीं, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीधे चंपत राय पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जब चोर को ही रखवाला बना दिया जाएगा, तो ऐसी घटनाओं की उम्मीद ही की जा सकती है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव का नाम लिए बिना 'चंपत' शब्द का अर्थ 'लेकर भाग जाना' बताया।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चंपत राय पर लगाए सनसनीखेज आरोप।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चंपत राय पर लगाए सनसनीखेज आरोप।

विनय कटियार

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे और पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार ने कहा कि राम मंदिर से करोड़ों भक्तों की आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर के मामले में लग रहे आरोपों की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे पास अभी कोई जानकारी नहीं है कि चोरी हुई है या नहीं हुई है।

महिपाल सिंह

मंदिर के पूर्व अकाउंट इंचार्ज महिपाल सिंह ने दावा किया कि लंबे समय से गड़बड़ी हो रही थी। उन्होंने शीर्ष प्रबंधन से इसकी शिकायत की। हालांकि, कार्रवाई के बजाय उन्हें ही पद से हटा दिया गया।

मंदिर निर्माण समिति की बैठक जारी

राम मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक शनिवार (13 जून) से चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा की मौजूदगी में होगी। इसमें निर्माण कार्यों की समीक्षा के साथ चंदे से जुड़े विवाद के जवाब देने की रणनीति पर विचार विमर्श के साथ ही जांच समिति को लेकर फैसला हो सकता है।

जांच के लिए गठित समिति पर बीजेपी नेता को भरोसा नहीं

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखने वाले बीजेपी के पूर्व मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश सिंह ने अब जांच के लिए गठित होने वाली संभावित समिति की विश्वसनीयता पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉ. रजनीश सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ समाचार पत्रों में छपी खबरों से उन्हें पता चला है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की लखनऊ में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई है, जिसमें एक रिटायर्ड जज के नेतृत्व में जांच समिति बनाने का फैसला लिया गया है।

उन्होंने आपत्ति जताते हुए साफ किया कि अगर ऐसा होता है, तो वे इसकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखेंगे और पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष समिति से जांच कराने की मांग करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कड़ा रुख अपनाया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक शक के दायरे में आने वाले सभी लोगों और पदाधिकारियों को मंदिर के कामकाज और पदों से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए ताकि वे जांच प्रक्रिया को प्रभावित न कर सकें।

राम मंदिर परिसर की फाइल फोटो। shriramteerthkshetra instagram handle

राम मंदिर परिसर की फाइल फोटो। shriramteerthkshetra instagram handle

राम मंदिर ट्रस्ट की कहानी

आइए जानते हैं कि आखिर राम मंदिर ट्रस्ट का गठन कैसे हुआ। दरअसल, नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इसके बाद केंद्र सरकार को राम मंदिर के निर्माण और उसके प्रबंधन के लिए एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया। 5 फरवरी 2020 को केंद्र सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की। यही ट्रस्ट आज राम मंदिर के निर्माण, उसके रखरखाव, मंदिर में आने वाले दान और पूरे राम जन्मभूमि परिसर के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहा है।

फिलहाल इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जांच की मांग उठ चुकी है। मामला पीएमओ तक पहुंच चुका है। हालांकि, किसी भी सरकारी एजेंसी ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी साबित हुई है।

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