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UP Teacher Protest: लखनऊ की तपती सड़क पर पेट के बल रेंगे शिक्षक अभ्यर्थी, 69000 भर्तियों को लेकर शिक्षा मंत्री का आवास घेरा!

UP Teacher Protest: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया। चिलचिलाती धूप में जमीन पर रेंगते हुए पहुंचे युवाओं ने सरकार से मजबूत पैरवी और नियुक्ति पत्र देने की मांग की है।

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दंडवत करते हुए मंत्री आवास पहुंचे अभ्यर्थी

Photo : Times Now Digital

UP Teacher Protest: उत्तर प्रदेश में भीषण और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का दौर जारी है, जहां आसमान से आग बरस रही है। लेकिन इस झुलसाने वाली धूप से भी ज्यादा तपिश उन युवाओं के दिलों में है, जो सालों से अपनी नियुक्ति के लिए लड़ रहे हैं। सोमवार को लखनऊ के गौतमपल्ली स्थित मॉल एवेन्यू इलाके में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा, जब 69,000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग (OBC, SC) के सैकड़ों अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव करने पहुंचे। इस बार इन युवाओं का विरोध प्रदर्शन बेहद अनोखा था। चिलचिलाती धूप में तपती डामर की सड़क पर ये अभ्यर्थी पेट के बल दंडवत यानी जमीन पर रेंगते हुए मंत्री आवास की ओर बढ़े। उनकी बस एक ही गुहार थी कि सरकार अपना सरकारी वकील सुप्रीम कोर्ट भेजे और अपना पक्ष रखे ताकि उनका कोर्ट से रास्ता साफ हो सके और फिर सरकार अपना फैसला लेकर उन्हें नियुक्ति पत्र दे सके।

कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

दरअसल, कल यानी 19 मई 2026 को देश की शीर्ष अदालत में इस बहुचर्चित और लंबे समय से लंबित 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले की एक बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ इस मामले को सुनेगी। बता दें कि लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच ने 13 अगस्त 2024 को ही आरक्षित वर्ग के हित में फैसला सुनाया था और नियमों का सही पालन करते हुए 3 महीने के भीतर नई सूची बनाकर नियुक्ति देने का आदेश दिया था। लेकिन सरकारी लेटलतीफी के कारण यह मामला सुलझने के बजाय सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया। अब अभ्यर्थियों की मांग है कि उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपने शीर्ष सरकारी अधिवक्ताओं को भेजे, जो अदालत में आरक्षण पीड़ितों का पक्ष मजबूती से रखें। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि सरकार कोर्ट के समक्ष 'याची लाभ' का प्रस्ताव रखे ताकि वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की नौकरी पर भी आंच न आए और आरक्षण से प्रभावित पीड़ित युवाओं को भी तुरंत नियुक्ति पत्र मिल सके।

पुलिस से तीखी नोकझोंक

जैसे ही अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के आवास को घेरा और जमीन पर लेटकर रोने-बिलखने लगे, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को जबरन रोकने की कोशिश की, जिससे पुलिस और युवाओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। युवाओं का कहना था कि वे 2018 से मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं और अब वे पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को जबरदस्ती बसों में बैठाया और उन्हें लखनऊ के आधिकारिक धरना स्थल 'ईको गार्डन' भेज दिया।

हालांकि बाद में मंत्री ने कुछ प्रतिनिधियों को मिलने के लिए भीतर बुलाया।

Vinod Mishra
विनोद मिश्राauthor

दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन है।

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